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सागर पुलिस ने 22 गुम/अपहृत नाबालिगों को 9 साल बाद भी सकुशल दस्तयाब किया

सागर पुलिस ने आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण और मैदानी समन्वय से 22 गुम/अपहृत बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब किया है। इनमें 9 वर्ष पुराने मामले की अपहृता भी शामिल है, जिसे गुजरात व महाराष्ट्र तक पहुंची टीमों ने खोज निकाला।

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सागर पुलिस ने 22 गुम/अपहृत नाबालिगों को 9 साल बाद भी सकुशल दस्तयाब किया

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 30 अगस्त 2026

मध्यप्रदेश पुलिस ने नाबालिगों की गुमशुदगी और अपहरण के मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता और आधुनिक तकनीक के समन्वय से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सागर पुलिस ने वर्षों से लंबित 22 अपहरण प्रकरणों में गुम और अपहृत बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब करने में सफलता प्राप्त की है। इन मामलों में पुलिस टीमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों तक भी पहुंचीं, जिससे लंबे समय से अपने बच्चों की राह देख रहे परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई।

पुलिस अधीक्षक सागर, श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में, जिले में लंबे समय से लंबित अपहरण प्रकरणों की विशेष समीक्षा की गई। प्रत्येक मामले के लिए एक सुनियोजित कार्ययोजना तैयार की गई और चिन्हित प्रकरणों के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन कर उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इन टीमों ने परिचितों से प्राप्त जानकारी के साथ-साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। इस विश्लेषण से प्राप्त संभावित स्थानों और सुरागों के आधार पर, टीमों ने जमीनी स्तर पर कार्रवाई करते हुए दस्तयाबी सुनिश्चित की।

नौ वर्ष बाद परिवार में लौटी खुशियां

थाना भानगढ़ में दर्ज एक मामले में, नौ वर्ष पूर्व स्कूल जाने के बाद घर वापस न लौटने वाली एक अपहृता को पुलिस ने सकुशल दस्तयाब किया। पुलिस द्वारा अपहृता के नवीनतम आधार कार्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त की गई, जिसके आधार पर तकनीकी विश्लेषण किया गया। इस विश्लेषण से अपहृता के वर्तमान पते की जानकारी मिलने पर, टीम ने उसे सकुशल बरामद कर लिया। लगभग नौ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अपनी बेटी को सकुशल सामने देखकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

तकनीकी विश्लेषण से गुजरात तक पहुंची पुलिस

थाना रहली में दर्ज एक अपराध के संबंध में, पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से अपहृता की उपस्थिति का पता सूरत, गुजरात में लगाया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल सूरत के लिए प्रस्थान किया और वहां पहुंचकर अपहृता को सकुशल बरामद कर लिया। यह कार्रवाई दर्शाती है कि कैसे आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग कर सुदूर राज्यों में भी त्वरित कार्रवाई की जा सकती है।

निरंतर समन्वय से बीना पुलिस ने अपहृता को खोजा

थाना बीना में दर्ज एक मामले में, पुलिस ने अपहृता के परिजनों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर उपलब्ध जानकारी का संकलन किया। प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर तलाश को आगे बढ़ाते हुए, अपहृता को सुरक्षित दस्तयाब करने में सफलता मिली। परिजनों से लगातार संवाद बनाए रखने की रणनीति इस दस्तयाबी में निर्णायक साबित हुई।

महाराष्ट्र में मिलीं घर से निकलीं नाबालिगें

थाना केसली में, स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली एक अपहृता के वापस न लौटने पर प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस ने संदेही के परिजनों से लगातार संपर्क बनाए रखा और महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। इसी जानकारी के आधार पर, पुलिस टीम ने नलवाड़ी, महाराष्ट्र पहुंचकर अपहृता को सकुशल दस्तयाब किया।

इसी प्रकार, थाना केसली में एक अन्य प्रकरण में, घर से बिना बताए चले जाने के बाद वापस न आने वाली अपहृता की तलाश में पुलिस ने उसकी बहन से लगातार संपर्क बनाए रखा। प्राप्त संभावित उपस्थिति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर, पुलिस टीम चिंचवाड़ा, महाराष्ट्र पहुंची और अपहृता को सकुशल बरामद कर लिया।

22 परिवारों में लौटी आशा की किरण

सागर पुलिस की इस विशेष कार्ययोजना के तहत कुल 22 लंबित प्रकरणों में गुम या अपहृत हुए बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी संभव हुई है। इनमें ऐसे प्रकरण भी शामिल थे जो लंबे समय से अनसुलझे थे और जिनके परिजन वर्षों से अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे थे। पुलिस ने इन मामलों में परिजनों से निरंतर संपर्क, व्यक्तिगत जानकारी का अद्यतन संकलन, साइबर तकनीक का प्रभावी उपयोग और जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को एक साथ जोड़कर सफलता सुनिश्चित की।

सागर पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि पुराने एवं लंबित प्रकरणों में भी यदि सुनियोजित समीक्षा, आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण, उपलब्ध व्यक्तिगत जानकारियों का अद्यतन संकलन और निरंतर जमीनी प्रयास किए जाएं, तो लंबे समय के बाद भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की जा सकती है। मध्यप्रदेश पुलिस नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए, गुमशुदगी एवं अपहरण के प्रत्येक प्रकरण में त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई बालक या बालिका गुम होता है, तो परिजन बिना किसी देरी के तत्काल नजदीकी पुलिस थाने अथवा पुलिस को सूचना दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित दस्तयाब किया जा सके।