सागर जहरीली शराब त्रासदी: नेता प्रतिपक्ष ने ₹25 लाख मुआवजे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मृतकों के परिजनों को ₹25 लाख मुआवजा देने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात कर ₹50-50 हजार की तत्काल सहायता की घोषणा भी की।

द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 6 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई त्रासदी के बाद राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने रविवार को सागर के बंडा क्षेत्र का दौरा कर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इस घटना को लेकर उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे सवाल उठाए और मुख्यमंत्री से जवाबदेही मांगी है।
श्री सिंघार ने घटना के तत्काल बाद सागर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जहरीली शराब पीने से बीमार हुए पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की स्थिति पर जानकारी ली और मरीजों को हरसंभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद वे बंडा तहसील के ग्राम बमूरा पहुंचे, जहाँ इस त्रासदी में पांच लोगों की जान गई थी। यहाँ उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने पीड़ितों को हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया।
अवैध शराब के कारोबार पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सागर की इस जहरीली शराब त्रासदी को प्रदेश में खुलेआम चल रहे अवैध शराब के कारोबार का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का गृह विभाग सीधे मुख्यमंत्री के अधीन है, ऐसे में प्रशासन की जानकारी में ही यह कारोबार कैसे पनप रहा है? उन्होंने इस पूरे नेटवर्क को किसका संरक्षण प्राप्त है, इस पर सवाल उठाते हुए सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
मांगों का विस्तृत विवरण
श्री सिंघार ने सरकार से मांग की कि प्रत्येक मृतक परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही, पीड़ित परिवारों में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई। उन्होंने यह भी कहा कि उपचार करा रहे सभी पीड़ितों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाए। नेता प्रतिपक्ष ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान उन्होंने दोषियों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की।
