सागर: गदेरी नदी में फंसे 9 लोग सुरक्षित, पुलिस-एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू
सागर में गदेरी नदी के तेज बहाव में फंसे 9 लोगों को पुलिस, एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीम ने दुर्गम रास्ते से 4 किमी पैदल चलकर और बहाव के बीच साहसिक रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला।

द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 23 अगस्त 2026
मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक भीषण बचाव अभियान के तहत, सागर पुलिस, विशेष जल बचाव दल (एसडीआरएफ) और होमगार्ड की संयुक्त टीम ने गदेरी नदी की उफनती धाराओं में फंसे नौ लोगों को सफलतापूर्वक बचा लिया है। यह साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन जटिल भौगोलिक परिस्थितियों और तेज नदी बहाव के बीच संचालित किया गया, जिसमें बचाव दलों ने अदम्य साहस, तत्परता और उत्कृष्ट समन्वय का प्रदर्शन किया।
यह घटना 22 अगस्त को सामने आई जब डायल-112 और पुलिस कंट्रोल रूम को आबचंद गुफा क्षेत्र में गदेरी नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि और तेज बहाव के कारण नौ लोगों के फंसे होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही, सागर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बचाव अभियान शुरू कर दिया। पुलिस अधीक्षक सागर ने पूरे ऑपरेशन की बारीकी से निगरानी की और संबंधित अधिकारियों व विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक संसाधनों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
दुर्गम मार्ग पर 4 किलोमीटर की पदयात्रा
आबचंद गुफा की ओर से रेस्क्यू स्थल तक पहुंचना अत्यंत दुष्कर और जोखिम भरा था। मौजूदा परिस्थितियों का गहन मूल्यांकन करने के बाद, पुलिस अधिकारियों ने आबचंद गांव की ओर से एक वैकल्पिक मार्ग अपनाने की रणनीति तय की। इस विकट परिस्थिति में, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने घने जंगल, अंधेरे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों से लगभग 4 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय की। जंगली जानवरों के खतरे और कठिन भौगोलिक बाधाओं के बावजूद, टीम ने कीमती समय बचाते हुए आगे बढ़ना जारी रखा। स्थानीय ग्रामीणों की सहायता, जीपीएस नेविगेशन सिस्टम और सर्चलाइट की मदद से ही वे अंततः रेस्क्यू स्थल तक पहुंच पाए।
तेज बहाव के बीच एसडीआरएफ का कुशल रेस्क्यू
जब बचाव दल रेस्क्यू स्थल पर पहुंचा, तो स्थिति बेहद गंभीर थी। नदी का बहाव काफी तेज था और फंसे हुए लोगों तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे में, होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमों ने अपने विशेष बचाव कौशल और अदम्य साहस का परिचय देते हुए मोर्चा संभाला। एसडीआरएफ के जवानों ने अत्यंत सावधानी और कुशलता से उफनती नदी के तेज बहाव के बीच पहुंचकर सभी नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस पूरे बचाव अभियान के दौरान, पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय ग्रामीणों के बीच एक मजबूत और प्रभावी समन्वय बना रहा।
पुलिस कंट्रोल रूम ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान विभिन्न टीमों के बीच महत्वपूर्ण सूचनाओं और संसाधनों का प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सका कि बचाव अभियान सुचारू और सफल ढंग से संचालित हो। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही थी, जिससे किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटा जा सके।
सभी को सुरक्षित परिजनों को सौंपा गया
संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप, नदी में फंसे सभी नौ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। बचाव के बाद, सभी व्यक्तियों का तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। सभी के स्वस्थ पाए जाने की पुष्टि होने के बाद, उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
आपदा प्रबंधन में पुलिस की संवेदनशीलता
इस साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मध्यप्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि आपदाओं और संकट की घड़ियों में नागरिकों की जान बचाने के लिए भी पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से कार्य करती है। सागर पुलिस, एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीमों ने विषम परिस्थितियों में जिस प्रकार धैर्य, त्वरित निर्णय क्षमता, उत्कृष्ट टीमवर्क और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया, वह कर्तव्यनिष्ठा का एक ज्वलंत उदाहरण है। यह घटना उन आम नागरिकों के लिए आशा की किरण है, जो ऐसी संकटकालीन स्थितियों का सामना करते हैं।
