सागर: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतन में ₹1000 कटौती का आरोप, जांच की मांग
सागर जिले के देवरी ब्लॉक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के जुलाई माह के वेतन भुगतान में ₹1000 की कटौती का आरोप लगा है। कार्यकर्ता प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह ₹16000 के बजाय ₹15000 मिलने का दावा कर रही हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 8 अगस्त 2026
मध्यप्रदेश के सागर जिले के देवरी ब्लॉक में महिला एवं बाल विकास विभाग पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के जुलाई माह के वेतन भुगतान में प्रति कार्यकर्ता 1 हजार रुपये की कटौती करने का गंभीर आरोप लगा है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि प्रदेश के अन्य ब्लॉकों में उन्हें नियमानुसार 16 हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जबकि देवरी में यह राशि 15 हजार रुपये ही दी गई है। इस विसंगति को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
देवरी ब्लॉक की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि शासन द्वारा निर्धारित वेतन राशि 16 हजार रुपये प्रतिमाह है, तो देवरी में 15 हजार रुपये का भुगतान किस आधार पर किया गया? वे इस एक हजार रुपये की कमी के कारण को जानना चाहती हैं और शेष राशि के भुगतान की मांग कर रही हैं। उनका यह भी कहना है कि सीमित मानदेय में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाली कार्यकर्ताओं को इस प्रकार की कटौती से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वेतन विसंगति पर विभागीय स्पष्टीकरण
इस मामले में जब जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) सागर, भरत सिंह राजपूत से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता एवं सहायिकाओं का वेतन बढ़ाया गया है। जुलाई माह के बकाया 1 हजार रुपये अगस्त माह के वेतन में जोड़कर दिया जाएगा। हालांकि, कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह कटौती जानबूझकर की गई है या विभागीय गलती है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
कलेक्टर और कमिश्नर से की जाएगी शिकायत
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सागर कलेक्टर और सागर संभाग के कमिश्नर को अवगत कराने का निर्णय लिया है। वे देवरी ब्लॉक में किए गए वेतन भुगतान की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करेंगी। यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्रवाई की भी मांग की गई है। यह पूरा मामला महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है, और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
