सादुल्लानगर में बिजली विभाग की कार्रवाई: बकायेदारों से वसूले बिल, काटे कनेक्शन
सादुल्लानगर में विद्युत विभाग ने 15 बकायेदार उपभोक्ताओं से बिल वसूला और 4 कनेक्शन काटे। घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग करने वाले तीन उपभोक्ताओं को...

बलरामपुर | संवाददाता: प्रमोद पाण्डेय
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 16 सितंबर 2026
बलरामपुर के सादुल्लानगर बाजार में बुधवार को विद्युत उपकेंद्र अचलपुर चौधरी की टीम ने एक व्यापक चेकिंग और बकाया बिल वसूली अभियान संचालित किया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सरकारी राजस्व की वसूली के साथ-साथ बिजली चोरी और नियमों के उल्लंघन को रोकना था। अभियान के दौरान टीम ने बाजार की विभिन्न दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विद्युत कनेक्शनों की गहन जांच की।
इस विशेष अभियान के तहत, विभाग ने 15 ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान की जो बिजली बिल का भुगतान करने में बकायेदार थे। इन उपभोक्ताओं से मौके पर ही बकाया राशि वसूल की गई, जिससे सरकारी खजाने में राजस्व जमा हुआ। जो उपभोक्ता नियत समय पर बिल जमा करने में असमर्थ रहे या जिन्होंने भुगतान को लेकर लापरवाही बरती, ऐसे चार उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन तत्काल प्रभाव से काट दिए गए। विभाग की इस आकस्मिक कार्रवाई से क्षेत्र के बकायेदारों में हड़कंप की स्थिति देखी गई।
वाणिज्यिक उपयोग पर जारी हुए नोटिस
जांच के दौरान, विद्युत विभाग की टीम को कुछ गंभीर अनियमितताएं भी मिलीं। यह पाया गया कि कुछ उपभोक्ता अपने घरेलू श्रेणी के विद्युत कनेक्शन का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कर रहे थे, जो नियमों के विरुद्ध है। ऐसे तीन उपभोक्ताओं की पहचान की गई। विभाग ने इन उपभोक्ताओं से उनके घरेलू कनेक्शन को वाणिज्यिक श्रेणी में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक आवेदन पत्र भरवाए। यह कार्रवाई भविष्य में ऐसे दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से की गई है।
अवर अभियंता अरविंद कुमार, अश्वनी और महताब अली के नेतृत्व में चली इस टीम ने उपभोक्ताओं को बिजली के बिलों का समय पर भुगतान करने के महत्व के बारे में जागरूक किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिजली के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा। उपभोक्ताओं से यह भी अपील की गई है कि वे अपने विद्युत कनेक्शन का उपयोग केवल उसी श्रेणी के अनुसार करें जिसके लिए वह अधिकृत है। इस अभियान के दौरान विभाग के दो संविदा कर्मी भी टीम के साथ मौजूद रहे। विभाग की यह सक्रियता और अनियमितताओं के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
