साढ़े तीन महीने बाद भी राशन दुकान की जांच अधूरी, मंत्री के गृह क्षेत्र में माफिया सक्रिय
सागर में जून में गठित हुई जांच समिति ढाई माह बाद भी ग्राम भैंसा की शासकीय उचित मूल्य दुकान की अनियमितताओं की जांच पूरी नहीं कर पाई है। पूर्व मंत्री ने जताई गंभीर लापरवाही पर चिंता।

द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 25 अगस्त 2026
सागर जिले की नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भैंसा की एक शासकीय उचित मूल्य दुकान में अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए साढ़े तीन महीने पहले गठित की गई समिति ढाई माह बीत जाने के बाद भी अपनी रिपोर्ट जमा नहीं कर पाई है। इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में प्रशासनिक लापरवाही और संभावित सांठगांठ पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
यह जांच समिति 2 जून 2026 को अपर कलेक्टर एवं अपर जिला दंडाधिकारी सागर द्वारा गठित की गई थी। समिति में नायब तहसीलदार सागर को अध्यक्ष और सहायक आपूर्ति अधिकारी व राजस्व निरीक्षक को सदस्य बनाया गया था। आदेश में यह भी स्पष्ट निर्देश थे कि समिति को केवल दो दिनों के भीतर जांच कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा।
जांच में देरी पर पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने इस विलंब को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि अपर कलेक्टर द्वारा जांच समिति गठित किए जाने के बावजूद आज दिनांक तक ग्राम भैंसा की उचित मूल्य दुकान की जांच न होना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। श्री चौधरी के अनुसार, यह स्थिति खाद्य विभाग और राशन माफियाओं के बीच मिलीभगत का भी संकेत देती है।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के गृह क्षेत्र में राशन माफिया सक्रिय हैं और गरीबों के हिस्से के राशन की बेखौफ कालाबाजारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को उनका हक का राशन न मिलना और राशन की कालाबाजारी होना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। श्री चौधरी ने इस मामले में राशन माफियाओं और खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की सांठगांठ की भी निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
जिला प्रशासन से की गई कार्रवाई की मांग
श्री चौधरी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि 2 जून 2026 के आदेश का पालन न करने वाली जांच समिति पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने जिले की अन्य शासकीय उचित मूल्य दुकानों की भी जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर और पूरी मात्रा में खाद्यान्न मिल सके।
पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की और गरीबों के राशन की कालाबाजारी पर रोक नहीं लगाई, तो कांग्रेस पार्टी गरीब एवं पात्र हितग्राहियों के हक की लड़ाई के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने इस स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर डाली है।
