सड़क सुरक्षा को लेकर फर्रुखाबाद में बैठक, दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के निर्देश
फर्रुखाबाद में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने दुर्घटना संभावित स्थलों के सुधार और यातायात नियमों के पालन पर जोर दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 30 जुलाई 2026
फर्रुखाबाद में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह भी मौजूद रहीं, जिन्होंने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा में भाग लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, यातायात को सुगम बनाना और सड़क सुरक्षा से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा करना रहा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, जिन्हें 'ब्लैक स्पॉट' भी कहा जाता है, की पहचान कर उनमें प्राथमिकता के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही, सड़क संकेतक, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्डों को निर्धारित मानकों के अनुसार स्थापित करने पर जोर दिया गया ताकि वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए आवश्यक सूचनाएं मिल सकें।
कांवड़ यात्रा और बारिश को देखते हुए विशेष निर्देश
आगामी कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए, जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़कों पर लगी लाइटों को दुरुस्त रखा जाए। इसके अतिरिक्त, बारिश के मौसम को देखते हुए जल भराव की समस्या के समाधान पर भी ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया। हाईवे के किनारे स्थित नालों की व्यवस्थित सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए ताकि जल निकासी सुचारू रूप से हो सके और सड़कों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल
जिलाधिकारी डॉ. लाठर ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और लोक निर्माण विभाग को संयुक्त रूप से प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थानों तथा सार्वजनिक स्थलों पर एक अभियान चलाकर यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध नियमित रूप से कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
जागरूकता अभियान और त्वरित चिकित्सा सहायता
बैठक में विद्यालयों और महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों के आयोजन पर भी चर्चा हुई। वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा सड़क सुरक्षा माह जैसे अभियानों के माध्यम से जनसामान्य की भागीदारी बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया गया। जिलाधिकारी ने दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के महत्व पर बल देते हुए स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियों को त्वरित समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की प्रगति प्रस्तुत की गई, जिस पर जिलाधिकारी ने आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
