सड़क की मांग पर इटावा में दूसरे दिन भी सत्याग्रह जारी, रेलवे ओवरब्रिज पर सहमति
इटावा में ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर सत्याग्रह दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रशासन ने रेलवे ओवरब्रिज का प्रस्ताव दिया, जिसे प्रदर्शनकारियों ने स्वीकार कर लिया, लेकिन स्थायी सड़क समाधान न मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

द क्लिफ न्यूज़ | इटावा | 14 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों का सत्याग्रह आज, 14 अगस्त 2026 को अपने दूसरे दिन भी जारी रहा। 'रास्ता दो या मौत' के बैनर तले सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस अहिंसक प्रदर्शन में पांच ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठे रहे। सत्याग्रह के संयोजक दीपक राज ने बताया कि स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल का दौरा कर समाधान का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों की मुख्य मांग, यानी स्थायी सड़क का निर्माण, पूरी न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
जिला प्रशासन के प्रतिनिधिमंडल में डी.पी.आर.ओ., बी.डी.ओ., ए.डी.ओ. और पंचायत सचिव शामिल थे। उन्होंने एक बजे के करीब प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया और ग्रामीणों को एक समाधान प्रस्तुत किया। इस समाधान का एक हिस्सा रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव था। प्रदर्शनकारियों ने इस प्रस्ताव का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया और इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया। पंचायत सचिव ने जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें रेलवे ओवरब्रिज की मांग को रेखांकित किया गया था।
स्थायी सड़क की मांग पर अडिग ग्रामीण
हालांकि रेलवे ओवरब्रिज के प्रस्ताव पर सहमति बन गई है, लेकिन ग्रामीणों का रुख स्थायी सड़क के निर्माण को लेकर कड़ा है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें एक पक्की और चलने योग्य सड़क उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। अधिकारियों द्वारा पेश किए गए समाधान से ग्रामीण पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि यह उनकी मूल मांग का पूर्ण समाधान नहीं करता। इस मुद्दे पर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच संवाद जारी रहने की उम्मीद है।
भूख हड़ताल का कल भी रहेगा क्रम
सत्याग्रह के संयोजक दीपक राज ने यह भी जानकारी दी कि कल, 15 अगस्त 2026 को, भूख हड़ताल पर विवेक, बुद्धप्रिय, अरविंद, अंशुल और गौरव बैठेंगे। यह दर्शाता है कि आंदोलन को बनाए रखने के लिए ग्रामीणों में दृढ़ संकल्प है और वे क्रमिक रूप से अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहे हैं। इस सत्याग्रह का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन की सुगम और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
