रीवा मेडिकल कॉलेज की बदहाली: NSUI ने उप-मुख्यमंत्री के गृह जिले में खोला मोर्चा
मध्य प्रदेश एनएसयूआई ने रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल की अव्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार में विफल रहने का आरोप लगाया है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 7 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में, प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के गृह जिले रीवा में स्थित श्याम शाह मेडिकल कॉलेज और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ एनएसयूआई (NSUI) ने आवाज उठाई है। संगठन का कहना है कि यदि उप-मुख्यमंत्री अपने गृह क्षेत्र में ही मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को सुधारने में विफल हैं, तो उनसे पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की अपेक्षा करना व्यर्थ है।
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले के सबसे बड़े अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। मरीजों को आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं और सर्जिकल उपकरण उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिसके कारण गरीब और असहाय मरीजों को महंगी दवाएं निजी दुकानों से खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। परमार ने संदेह जताया कि इन निजी दुकानों में मंत्री और उनसे जुड़े लोगों की हिस्सेदारी हो सकती है।
महंगी जांचें और स्टाफ की कमी
रवि परमार ने आगे कहा कि लाखों रुपये की लागत से स्थापित एमआरआई, सीटी स्कैन और सोनोग्राफी जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं लंबे समय से बंद पड़ी हैं। इससे मरीजों को निजी सेंटरों में भारी शुल्क चुकाना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियमित उपस्थिति न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
परमार ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। एनएसयूआई ने उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की भी मांग उठाई है।
अधिकारियों के स्थानांतरण से समाधान की उम्मीद नगण्य
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष ने सरकार द्वारा रीवा मेडिकल कॉलेज के डीन को सतना और सतना के डीन को रीवा स्थानांतरित करने की खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केवल डीन बदलने से व्यवस्था में सुधार की संभावना बहुत कम है। उनका मानना है कि अधिकारी और कर्मचारी पहले से ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और केवल स्थानांतरण से स्थिति बदलने वाली नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर ठोस कदम उठाने का आग्रह किया, क्योंकि मुख्यमंत्री का रीवा से व्यक्तिगत जुड़ाव भी है।
