ऋषि गालव विश्वविद्यालय में 5000 पौधे लगाने का महाआयोजन 1 अगस्त को
ग्वालियर के ऋषि गालव विश्वविद्यालय परिसर में 1 अगस्त को दो घंटे में 5,000 पौधे लगाने का लक्ष्य है। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण की एक बड़ी पहल होगी।

द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 31 जुलाई 2026
मध्य भारत शिक्षा समिति द्वारा ग्वालियर के बेला ग्राम स्थित ऋषि गालव विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार, 1 अगस्त को 'वृक्षोत्सव-2026' का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य मात्र दो घंटे के भीतर 5,000 से अधिक पौधे लगाना है। आयोजकों का दावा है कि ग्वालियर में किसी एक संस्था द्वारा इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर पौधारोपण का यह अपने प्रकार का पहला आयोजन होगा।
यह महाआयोजन पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिसमें शिक्षा, धर्म, शासन और प्रशासन से जुड़ी प्रमुख हस्तियां श्रमदान कर एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेंगी। वृक्षोत्सव में शामिल होने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों में बाबा लक्खा सिंह, बाबा गुरप्रीत सिंह, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय गौतम, विधायक सतीश सिंह सिकरवार, महापौर श्रीमती शोभा सिकरवार, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, स्वामी समर्थ तीर्थ महाराज, स्वामी रामसेवक दास जी, स्वामी अभय कात्यायन, स्वामी कृष्णानंद जी, पूर्व विधायक प्रवीण पाठक, जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य, महाराजा मानसिंह संगीत विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे, एमिटी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजेश सिंह तोमर, आईटीएम विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. योगेश उपाध्याय तथा पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल होंगे।
पौधारोपण की व्यापक तैयारियां
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पौधारोपण के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 5,000 पौधों की व्यवस्था कर ली गई है और उनके रोपण के लिए गड्ढों की खुदाई, खाद की व्यवस्था और सिंचाई की समुचित योजना तैयार है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रोपण कार्य निर्बाध रूप से संपन्न हो।
पर्यावरण संरक्षण की दीर्घकालिक पहल
पौधारोपण प्रभारी डॉ. सुनील पाठक और डॉ. संजय पांडे ने बताया कि 'वृक्षोत्सव-2026' सिर्फ एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और पर्यावरण संरक्षण की एक दीर्घकालिक पहल का हिस्सा है। उन्होंने शहरवासियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, संत समाज और सभी नागरिकों से इस हरित अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है।
विश्वविद्यालय ने रोपे गए पौधों के संरक्षण को अपनी प्राथमिकता बनाया है। इसके लिए 'पर्यावरण मैत्री विभाग' की स्थापना की गई है और पौधों की वर्षभर देखभाल के लिए विशेष कर्मचारियों की नियुक्ति भी की गई है। इस अनूठी पहल के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर को हरा-भरा और पर्यावरणीय रूप से समृद्ध बनाने के साथ-साथ समाज में प्रकृति संरक्षण और सामूहिक सहभागिता का एक सशक्त संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।
