रतलाम: 48 घंटे में सराफा व्यापारी से करोड़ों की लूट का खुलासा, 6 गिरफ्तार
रतलाम में 48 घंटे के भीतर करोड़ों की लूट का खुलासा हुआ। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर 5.50 करोड़ रुपये से अधिक के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 16 अगस्त 2026
मध्यप्रदेश पुलिस ने रतलाम में सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये की लूट की वारदात को एक बार फिर अपनी आधुनिक तकनीक और सूझबूझ का परिचय देते हुए महज़ 48 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। इस सफल खुलासे में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से लगभग 5 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई प्रदेश में गंभीर अपराधों के त्वरित निराकरण की दिशा में पुलिस के प्रभावी प्रयासों को रेखांकित करती है।
यह घटना 13 अगस्त 2026 की रात थाना बिलपांक क्षेत्र के अंतर्गत हनुमान चौकी, उमरथाना फंटा के पास घटित हुई थी। फरियादी अर्पित पिता ललित कुमार चोरड़िया, जो जैन कॉलोनी, रतलाम के निवासी हैं और गणेश मार्केट, चांदनी चौक में सोने-चांदी का व्यवसाय करते हैं, बड़नगर से व्यापारिक सौदे निपटाकर रात्रि बस से रतलाम लौट रहे थे। इसी दौरान, बड़नगर से बस में सवार दो व्यक्तियों ने फरियादी के पास पहुंचकर उनके बैग को छीनने का प्रयास किया। फरियादी द्वारा विरोध करने और शोर मचाने पर अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उन्होंने मारपीट की और बैग छीनकर फरार हो गए। इस बैग में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। फरियादी की शिकायत पर थाना बिलपांक में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी।
त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीमों का गठन
घटना की संवेदनशीलता और इसमें शामिल बताई जा रही करोड़ों की संपत्ति के महत्व को देखते हुए, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक उज्जैन जोन, श्री राकेश गुप्ता के स्पष्ट निर्देशन में पुलिस उप महानिरीक्षक, रतलाम रेंज, श्री निमिष अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक, रतलाम, श्री अमित कुमार के नेतृत्व में कई विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों को घटना के जल्द से जल्द खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
आधुनिक तकनीक और मैदानी साक्ष्यों का समन्वय
पुलिस टीमों ने घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक के विभिन्न मार्गों पर लगे सैकड़ों CCTV कैमरों के फुटेज का गहनता से विश्लेषण किया। इसके साथ ही, फरियादी, बस चालक, परिचालक और क्लीनर जैसे प्रत्यक्षदर्शियों से विस्तृत पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गईं। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से आवश्यक भौतिक साक्ष्य भी संकलित किए गए। साइबर सेल ने भी इस मामले में अपनी भूमिका निभाई, उपलब्ध तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों और उनके आपसी संपर्कों की जानकारी प्राप्त की।
CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी स्तर पर प्राप्त अन्य जानकारियों को आपस में जोड़ते हुए, पुलिस टीम अंततः संदिग्ध आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। जांच के दौरान 15 अगस्त 2026 को पुलिस को एक पुख्ता सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में छिपे हुए हैं और लूटी गई संपत्ति भी उन्हीं के पास मौजूद है। इस सूचना की पुष्टि होने के बाद, पुलिस टीमों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए क्षेत्र की घेराबंदी की और छह संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।
बरामदगी और आगे की जांच
पूछताछ के दौरान, हिरासत में लिए गए आरोपियों ने सोने-चांदी के आभूषणों से भरे बैग को लूटने की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने के 238 नग आभूषण, जिनका वजन 4.167 किलोग्राम था, और चांदी के 183 नग आभूषण, जिनका वजन 4.047 किलोग्राम था, बरामद किए। कुल मिलाकर, 421 नग सोने-चांदी के आभूषण, जिनका कुल वजन 8.214 किलोग्राम था, और जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ 50 लाख रुपये बताई जा रही है, जब्त की गई है। पुलिस फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
यह कार्रवाई एक बार फिर यह दर्शाती है कि कैसे आधुनिक तकनीक, जैसे कि CCTV फुटेज का व्यापक विश्लेषण और साइबर साक्ष्यों का उपयोग, पारंपरिक मैदानी पुलिसिंग के साथ मिलकर चुनौतीपूर्ण अपराधों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पुलिस की इस त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई के चलते ही करोड़ों रुपये की संपत्ति को घटना के महज़ 48 घंटों के भीतर बरामद किया जा सका। वर्तमान में, गिरफ्तार आरोपियों से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ और उनकी अन्य आपराधिक गतिविधियों की जांच जारी है।
