राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस: डीएम ने विभागों को दिए समन्वय के निर्देश
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल आयोजन हेतु सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 27 जुलाई 2026
फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के सफल आयोजन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने सभी संबंधित विभागों को एक साथ मिलकर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में आयोजित 'जनपद स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय समिति' की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान के व्यापक और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य इकाइयों पर मूलभूत सुविधाओं और दवाओं की उपलब्धता व प्रबंधन में कोई भी अनियमितता पाई गई, तो संबंधित चिकित्सा अधीक्षक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा उपचार बिलों के भुगतान में अनियमितता मिलने पर संबंधित लिपिक और अधिकृत हस्ताक्षर अधिकारी पर भी कार्रवाई होगी। इसके अतिरिक्त, सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने में स्वास्थ्य कर्मियों की संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी को निलंबित किया जाएगा।
कृमिनाशक दवा की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर
बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि अभियान के तहत लक्षित आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे तक कृमिनाशक दवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यह सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि कोई भी पात्र बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत आशा कार्यकर्ताएं और एएनएम यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को दी जाने वाली एल्बेंडाजोल की दवा की एक्सपायरी तिथि की जांच की जाए और वह एक्सपायर्ड न हो। एक से दो वर्ष के बच्चों को लिक्विड फॉर्म में दवा पिलाने की सलाह दी गई ताकि उन्हें सुविधा हो सके।
जिलाधिकारी ने अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से इस अभियान के बारे में लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि अभिभावकों और आम जनता में जागरूकता बढ़े और अधिक से अधिक बच्चे इस अभियान का लाभ उठा सकें।
विभागों से गंभीरतापूर्वक निर्वहन की अपेक्षा
सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी से करें। अभियान की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए। जिलाधिकारी ने रेखांकित किया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, और इसके सफल क्रियान्वयन में सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की कार्ययोजना, लक्षित लाभार्थियों, दवा वितरण की व्यवस्था, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और 'मॉप-अप दिवस' की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि अभियान के सुचारू संचालन के लिए संबंधित विभागों के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए सभी तैयारियां समय पर पूरी की जा रही हैं। बैठक में संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी और समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे।
