राष्ट्रपति मुर्मू ने 82 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा
शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन में 82 उत्कृष्ट शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 5 सितंबर 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षक दिवस, 2026 के अवसर पर शनिवार, 5 सितंबर को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक प्रतिष्ठित समारोह में देश भर के 82 मेधावी शिक्षकों और शिक्षाविदों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान, नवीन पद्धतियों को अपनाने, छात्रों के समग्र विकास में निभाई गई भूमिका और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों को मान्यता देता है।
इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए चयनित शिक्षकों ने भाग लिया। पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं ने अपनी शिक्षा-पद्धतियों में नवाचार, छात्रों को सीखने की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनके प्रयासों को छात्रों और व्यापक समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत माना गया है।
शिक्षकों के समर्पण का सम्मान
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से मान्यता देना है जिन्होंने अपनी निष्ठा और रचनात्मक प्रयासों से भारतीय शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। यह पुरस्कार न केवल शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है, बल्कि समाज में शिक्षक के महत्वपूर्ण स्थान और प्रतिष्ठा को भी रेखांकित करता है।
विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में, वक्ताओं ने शिक्षक के महत्व को राष्ट्र निर्माण की नींव बताया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों के संचार और छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष बल दिया। अतिथियों ने शिक्षकों से बदलती तकनीकी और सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप शिक्षा के नए तौर-तरीकों को अपनाने तथा विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का आह्वान किया।
शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण
पुरस्कार विजेता शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभवों को साझा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि एक शिक्षक का कर्तव्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना मात्र नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी जैसी भावनाएं विकसित करना भी है। उन्होंने शिक्षा को समाज और राष्ट्र के विकास का सबसे शक्तिशाली माध्यम निरूपित किया।
समारोह में उन शिक्षकों की उपलब्धियों को विशेष रूप से उजागर किया गया जिन्होंने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच का विस्तार किया। वंचित समुदायों के छात्रों को प्रोत्साहित करने, डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग करने और स्थानीय संसाधनों का लाभ उठाते हुए शिक्षण के नवीन तरीके विकसित करने जैसे प्रयासों को भी सराहा गया।
शिक्षक दिवस का महत्व
भारत में प्रतिवर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारत के महान शिक्षाविद्, दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। डॉ. राधाकृष्णन का दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के निर्माण का प्रमुख आधार है। शिक्षक दिवस पर, देशभर में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को सम्मान और कृतज्ञता के साथ स्मरण किया जाता है।
विज्ञान भवन में संपन्न हुआ यह राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, उत्कृष्टता और नवाचार की महत्ता को प्रदर्शित करता है। देश के विभिन्न कोनों से सम्मानित शिक्षकों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य अन्य शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े व्यक्तियों के लिए प्रेरणा का एक अटूट स्रोत बने रहेंगे।
