राष्ट्रपति मुर्मू की रोमानिया यात्रा: व्यापार-तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रोमानिया के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, नवीकरणीय ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।

द क्लिफ न्यूज़ | बुखारेस्ट | 24 जुलाई 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने तीन देशों के यूरोपीय दौरे के अंतिम चरण के तहत रोमानिया की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा की है। लगभग तीन दशक बाद किसी भारतीय राष्ट्रप्रमुख की यह पहली रोमानिया यात्रा है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के द्विपक्षीय आर्थिक और तकनीकी संबंधों को एक नई गति प्रदान करना है। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने बुखारेस्ट में रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर्ट डैन और प्रधानमंत्री इली बोलोझान के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ताएं कीं।
उच्च स्तरीय बैठकों में व्यापार, निवेश, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर गहन चर्चा हुई और दोनों पक्षों ने इस दिशा में सहमति व्यक्त की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू की रोमानियाई राष्ट्रपति निकुशोर्ट डैन के साथ हुई बातचीत अत्यंत सार्थक रही। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी आयामों की समीक्षा की और आपसी हित के क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल और संस्कृति के क्षेत्रों मेंMemorandum of Understanding (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
श्री जायसवाल ने आगे बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू ने रोमानिया के प्रधानमंत्री इली बोलोझान से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में भारत-रोमानिया साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सार्थक चर्चा हुई, जिसमें विशेष रूप से व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, कनेक्टिविटी और उभरती हुई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
'विकसित भारत 2047' पर जोर, नवाचार वर्ष की घोषणा
राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से जारी एक बयान के अनुसार, यात्रा के एक अहम पड़ाव के रूप में राष्ट्रपति मुर्मू ने 'भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम' को भी संबोधित किया। इस फोरम में दोनों देशों के प्रमुख कॉर्पोरेट líderes और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। वैश्विक मंच पर भारत की बदलती भूमिका को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति ने 'विकसित भारत 2047' के भारत के दूरदर्शी विजन को दुनिया के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आजादी के शताब्दी वर्ष तक भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में रोमानिया जैसे विश्वसनीय वैश्विक साझेदार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
तकनीकी सहभागिता पर जोर देते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), तेजी से विकसित हो रहा स्टार्टअप इकोसिस्टम और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व अद्वितीय है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह भारत की डिजिटल शक्ति को रोमानिया की विशिष्ट विशेषज्ञताओं के साथ जोड़ने का उपयुक्त समय है।
कूटनीतिक संबंधों में नया अध्याय
इस कूटनीतिक यात्रा को एक ठोस रूप देते हुए भारत और रोमानिया के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा और खेल जैसे क्षेत्रों में हुए समझौतों को एक मील का पत्थर माना जा रहा है। दोनों देशों ने वर्ष 2028 में अपने राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ को 'भारत-रोमानिया नवाचार वर्ष' के रूप में मनाने का भी निर्णय लिया है। राष्ट्रपति की इस यात्रा ने न केवल भारत-रोमानिया संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत की है, बल्कि पूर्वी यूरोप के साथ भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
