राष्ट्रगान के दौरान मंच छोड़ने पर UP विधानसभा अध्यक्ष पर गरमाई सियासत, जांच की मांग
उन्नाव में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान के बजने पर कथित तौर पर मंच से चले जाने को लेकर यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना विवादों में घिर गए हैं। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | 24 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान बजने के समय कथित तौर पर मंच से चले जाने के एक वायरल वीडियो को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष, खासकर कांग्रेस, ने इस मामले में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के खिलाफ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।
यह घटना शनिवार को उन्नाव में एक प्रधानाचार्यों की परिषद के कार्यक्रम के दौरान हुई। वायरल हो रहे एक वीडियो में सतीश महाना को राष्ट्रगान के बजने के दौरान मंच से जाते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इस कृत्य को राष्ट्रगान का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।
कांग्रेस की जांच की मांग
बलरामपुर में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिवलाल कोरी के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नगर कोतवाली पहुंचे। उन्होंने प्रभारी निरीक्षक को एक तहरीर सौंपकर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। शिकायत पत्र में वायरल हो रहे वीडियो की प्रामाणिकता और तथ्यात्मकता की गहन जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
कांग्रेस ने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा मामले से जुड़े व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जाने की भी मांग की है। इसके अलावा, यदि जांच में किसी भी प्रकार का विधि-विरुद्ध कृत्य प्रमाणित होता है, तो नियमानुसार प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है।
इस दौरान, एआईसीसी सदस्य एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख राज बहादुर यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष अनुज कुमार सिंह, मार्कण्डेय मिश्रा, अवधेश सिंह, विजय उपाध्याय, संतोष कुमार पाण्डेय, राजेन्द्र द्विवेदी, सियाराम प्रधान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता नगर कोतवाली में मौजूद रहे।
अध्यक्ष का पक्ष
हालांकि, इस विवाद पर सतीश महाना ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि राष्ट्रगान उस स्थान पर नहीं बजाया जा रहा था जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगान कार्यक्रम स्थल पर बज रहा था, लेकिन जिस विशिष्ट स्थान पर वह मौजूद थे, वहां नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कानून के अनुसार, किसी गणमान्य व्यक्ति को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के दौरान राष्ट्रगान नहीं बजाया जाता है।
यह घटना उस समय सामने आई है जब राजनीतिक दल राष्ट्रीय गानों और प्रतीकों के प्रति सम्मान को लेकर अक्सर एक-दूसरे पर निशाना साधते रहते हैं। इस मामले में आगे की जांच और प्राप्त होने वाले साक्ष्य राजनीतिक चर्चा को और बढ़ा सकते हैं।
