रानी दुर्गावती की जयंती: नन्हे स्केटर्स ने चित्र संग किया अनूठा नमन
जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर वनवासी कल्याण आश्रम ने विशेष समारोह आयोजित किया। नन्हे स्केटर्स ने उनके चित्र के साथ स्केटिंग कर...

Jabalpur | संवाददाता: डॉ. भूपेंद्र कुमार सुल्लेरे
द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 6 अक्टूबर 2026
जबलपुर में आज वीरांगना रानी दुर्गावती के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में वनवासी कल्याण आश्रम जबलपुर महानगर द्वारा एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मातृशक्ति, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वनवासी समाज के बंधुओं और नन्हे-मुन्ने खिलाड़ियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। समारोह का शुभारंभ वीरांगना रानी दुर्गावती के चित्र एवं प्रतिमा के समक्ष माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया, जिसके उपरांत सभी ने उनके अद्वितीय शौर्य, स्वाभिमान, कुशल नेतृत्व और राष्ट्रहित में दिए गए महान बलिदान को स्मरण किया।
इस जयंती समारोह का सबसे अनूठा आकर्षण स्केटिंग करने वाले बच्चों की प्रस्तुति रही। विशेष सुरक्षा किट पहने बच्चों ने हाथों में वीरांगना रानी दुर्गावती का एक विशाल चित्र लेकर स्केटिंग की। उन्होंने कार्यक्रम स्थल की परिक्रमा करते हुए, इस अनूठी शैली में वीरांगना को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बच्चों के इस प्रेरणादायी प्रयास ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया और सभी का मन मोह लिया।
रानी दुर्गावती के शौर्य का स्मरण
कार्यक्रम में वनवासी कल्याण आश्रम जबलपुर महानगर की सचिव पूजा रजक, प्रांत महिला प्रमुख समिति की दीप्ति पांडे एवं महानगर सदस्य श्रीमती रेनू साहनी सहित अनेक कार्यकर्ताओं और मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने अपने संबोधन में रानी दुर्गावती को केवल गोंडवाना ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत की नारी शक्ति, स्वाभिमान और साहस की प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी रानी दुर्गावती ने अपने आत्मसम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए असाधारण संघर्ष किया। उनके जीवन को आज की युवा पीढ़ी और बच्चों के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत बताया गया।
आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प
समारोह के दौरान उपस्थित मातृशक्ति एवं कार्यकर्ताओं ने वीरांगना रानी दुर्गावती के उच्च आदर्शों को समाज की नई पीढ़ी तक पहुंचाने का दृढ़ संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों के उत्साहवर्धन के साथ मिष्ठान्न वितरण किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से वीरांगना रानी दुर्गावती को नमन करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प दोहराया। यह आयोजन वीरांगना की स्मृति को संजोने और उनके शौर्य तथा बलिदान की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने में एक सफल माध्यम सिद्ध हुआ।
