रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ़ द इंडियन रिपब्लिक' का पीएम मोदी ने किया विमोचन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 अगस्त 2026 को विज्ञान भवन में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा "ट्रायम्फ ऑफ़ द इंडियन रिपब्लिक" का विमोचन किया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 12 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा “ट्रायम्फ ऑफ़ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ़, माई स्ट्रगल्स” (Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles) का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कोविंद की जीवन यात्रा को 'संघर्ष, समर्पण, संवैधानिक मूल्यों और सार्वजनिक सेवा की प्रेरणादायक मिसाल' बताया।
यह आत्मकथा रामनाथ कोविंद के एक साधारण पारिवारिक एवं सामाजिक परिवेश से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की विस्तृत यात्रा का वर्णन करती है। पुस्तक में उनके बचपन के अनुभवों, शिक्षा, सामाजिक सरोकारों, सार्वजनिक जीवन में प्रवेश, राजनीतिक यात्रा और राज्यसभा सदस्य के रूप में उनके अनुभवों का गहनता से उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त, बिहार के राज्यपाल के रूप में उनकी भूमिका और वर्ष 2017 से 2022 तक भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में निभाई गई संवैधानिक जिम्मेदारियों से जुड़े अनुभवों को भी पुस्तक में प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
एक असाधारण यात्रा का चित्रण
रामनाथ कोविंद का जीवन कानपुर के एक सामान्य परिवेश से शुरू होकर देश के राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने की एक असाधारण यात्रा के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस यात्रा में उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बीच भी शिक्षा, अनुशासन, परिश्रम और सार्वजनिक सेवा को निरंतर प्राथमिकता दी। आत्मकथा के माध्यम से पाठकों को उनके जीवन के व्यक्तिगत और सार्वजनिक दोनों पक्षों को समझने का एक अनूठा अवसर मिलेगा, जो उनके व्यक्तित्व और सार्वजनिक जीवन को आकार देने में महत्वपूर्ण रहे।
संवैधानिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों पर जोर
पुस्तक में उनके राष्ट्रपति कार्यकाल से जुड़े अनुभव भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने हमेशा संविधान की मर्यादा, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक कर्तव्यों पर निरंतर जोर दिया। देश के विभिन्न हिस्सों की यात्राओं, युवाओं के साथ संवाद, शिक्षण संस्थानों में उनके संबोधन और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ उनके संपर्कों से जुड़े अनुभव उनके व्यापक सार्वजनिक जीवन की एक स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।
लोकतांत्रिक ढांचे में अवसर की व्याख्या
विमोचन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने रामनाथ कोविंद के लंबे सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी यात्रा यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत के लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे में सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी अपनी प्रतिभा, परिश्रम और प्रतिबद्धता के बल पर सर्वोच्च जिम्मेदारी तक पहुंच सकता है। आत्मकथा का एक प्रमुख पक्ष यह भी है कि इसमें रामनाथ कोविंद के व्यक्तिगत संघर्षों को देश के लोकतांत्रिक विकास की व्यापक यात्रा के साथ जोड़ा गया है।
पुस्तक उनके जीवन में आए अवसरों, चुनौतियों और महत्वपूर्ण पड़ावों के माध्यम से उस भारत की तस्वीर प्रस्तुत करती है, जिसमें सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियां किसी व्यक्ति की संभावनाओं की अंतिम सीमा निर्धारित नहीं करतीं। “ट्रायम्फ ऑफ़ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ़, माई स्ट्रगल्स” केवल एक पूर्व राष्ट्रपति की व्यक्तिगत यात्रा का विवरण नहीं है, बल्कि यह संघर्ष से उपलब्धि तक पहुंचने वाले एक भारतीय नागरिक की प्रेरणादायक कहानी के रूप में भी देखी जा रही है।
कानपुर से राष्ट्रपति भवन तक का सफर
कानपुर से राष्ट्रपति भवन तक का सफर भारतीय लोकतंत्र में अवसर, संवैधानिक व्यवस्था और सामाजिक गतिशीलता की संभावनाओं को रेखांकित करता है। यह आत्मकथा रामनाथ कोविंद के जीवन के विभिन्न चरणों के साथ-साथ उनके विचारों, अनुभवों और देश के प्रति दृष्टिकोण को समझने का एक मूल्यवान स्रोत है। यही कारण है कि यह पुस्तक राजनीतिक जीवन, भारतीय संविधान और सार्वजनिक सेवा में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए विशेष महत्व रखती है।
विमोचन समारोह में गणमान्य अतिथियों, सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विज्ञान भवन में पुस्तक का विमोचन पूर्व राष्ट्रपति के सार्वजनिक जीवन और उनके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा गया। इस समारोह ने रामनाथ कोविंद की उस विशिष्ट यात्रा को केंद्र में रखा, जिसने एक सामान्य सामाजिक पृष्ठभूमि से निकलकर उन्हें भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचाया।
