रक्षाबंधन पर करुणाधाम में रुद्राक्ष रक्षासूत्र और पौधरोपण का संकल्प
भोपाल में करुणाधाम आश्रम में गुरुदेव श्री शांडिल्य महाराज ने रक्षाबंधन के अवसर पर शिष्यों को रुद्राक्ष रक्षासूत्र बांधे और 11 पौधों की रक्षा का संकल्प दिलाया।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 28 अगस्त 2026
भोपाल स्थित करुणाधाम आश्रम में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर पीठाधीश्वर गुरुदेव श्री सुदेश जी शांडिल्य महाराज ने अपने शिष्यों और भक्तों को विशेष रुद्राक्ष के रक्षासूत्र बांधे। यह कार्यक्रम न केवल परंपरा का निर्वहन था, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भी एक संदेश था। गुरुदेव ने इस अवसर पर 11 पौधे भी रोपे और उन्हें भी रक्षासूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा और संवर्धन का संकल्प लिया।
रक्षाबंधन, जिसे 'रक्षा की डोर' के रूप में भी जाना जाता है, भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है, लेकिन करुणाधाम आश्रम में इस बार इस पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया। गुरुदेव श्री शांडिल्य महाराज ने उपस्थित सभी शिष्य-सेवकों और भक्तजनों से इन नव-प्रारब्ध पौधों की रक्षा करने की शपथ दिलाई। यह कदम प्रकृति के साथ मानवीय संबंधों को मजबूत करने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश
28 अगस्त 2026 को मनाया गया यह रक्षाबंधन, पर्यावरण के प्रति करुणाधाम आश्रम के समर्पण को दर्शाता है। गुरुदेव श्री शांडिल्य महाराज द्वारा रोपे गए 11 पौधों को न केवल रक्षासूत्र बांधा गया, बल्कि उपस्थित सभी लोगों को उनकी देखरेख और जीवन पर्यंत सुरक्षा का वचन भी दिलाया गया। यह आयोजन इस विचार को रेखांकित करता है कि जिस प्रकार हम अपने रिश्तों की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार हमें अपनी प्रकृति और उसके संसाधनों की भी रक्षा करनी चाहिए।
इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में भक्तजन और शिष्य-सेवक उपस्थित रहे। सभी ने गुरुदेव के संदेश को आत्मसात किया और पर्यावरण की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक भजनों और भंडारे के साथ हुआ, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त और आयोजन
वर्तमान वर्ष 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया गया। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त को सुबह 09:40 बजे समाप्त हो गई। वहीं, भद्रा काल सूर्योदय से पूर्व ही समाप्त हो गया था, जिससे राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 06:40 बजे से 09:40 बजे तक अत्यंत प्रभावी रहा। इसी शुभ मुहूर्त में करुणाधाम आश्रम में गुरुदेव द्वारा रक्षासूत्र बांधने और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प का आयोजन संपन्न हुआ।
