रक्षा मंत्री: बातचीत केवल पीओके पर, आतंकवाद बंद करे पाक
द्रास में कारगिल विजय दिवस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान से किसी भी स्तर पर बातचीत केवल पाक अधिकृत कश्मीर पर ही होगी, बशर्ते वह आतंकवाद बंद करे।

द क्लिफ न्यूज़ | द्रास | 26 जुलाई 2026
कारगिल विजय दिवस 2026 के अवसर पर द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भविष्य में यदि पाकिस्तान के साथ किसी भी स्तर पर बातचीत होती है, तो वह केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और आतंकवाद के मुद्दों पर ही केंद्रित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान अपनी धरती से संचालित होने वाले सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त नहीं करता, तब तक भारत की ओर से सामान्य द्विपक्षीय वार्ता का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान का परिचय देकर देश की सीमाओं की रक्षा की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि कारगिल के वीरों का बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा और भारत अपनी संप्रभुता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।
शांति की पहली शर्त आतंकवाद का अंत
राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने हमेशा शांति और संवाद का समर्थन किया है, लेकिन शांति की पहली शर्त आतंकवाद का पूर्ण अंत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यदि वास्तव में बेहतर संबंध चाहता है तो उसे आतंकवाद को राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल करना बंद करना होगा। जब तक सीमा पार आतंकवाद जारी रहेगा, तब तक सामान्य वार्ता संभव नहीं है।
रक्षा मंत्री ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और अब कश्मीर पर किसी प्रकार का विवाद शेष नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में बातचीत की कोई संभावना बनती भी है, तो उसका एकमात्र विषय पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर होगा, और केवल पीओके का भारत में पुनः विलय ही ऐसा विषय है जिस पर चर्चा हो सकती है।
दृढ़ और अटल रुख
रक्षा मंत्री ने भारत के रुख को स्पष्ट, दृढ़ और अटल बताया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता सर्वोपरि है तथा सरकार इस संबंध में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय सशस्त्र बल हर चुनौती का सामना करने में पूरी तरह सक्षम हैं और देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सदैव तैयार हैं।
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कारगिल युद्ध के शहीदों और पूर्व सैनिकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके बलिदान के कारण ही आज देश सुरक्षित है। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना अपनाने का आह्वान किया। इस समारोह में तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी, शहीदों के परिजन, पूर्व सैनिक तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
कारगिल विजय दिवस के इस अवसर पर रक्षा मंत्री का यह बयान भारत की सुरक्षा नीति और पाकिस्तान के प्रति सरकार के स्पष्ट रुख का एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। उन्होंने पुनः इस बात पर बल दिया कि आतंकवाद और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते, तथा भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
