राजौरी-सांबा में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की दस्तक, सीमा पर हाई अलर्ट
राजौरी व सांबा में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने पर सीमा पर हाई अलर्ट। सेना, बीएसएफ व पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया, हथियार व मादक पदार्थ तस्करी की आशंका।

द क्लिफ न्यूज़ | जम्मू | 27 जुलाई 2026
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधियों के मद्देनजर सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर के तरकुंडी-साज क्षेत्र और सांबा जिले में ऐसे संदिग्ध ड्रोन देखे जाने के बाद भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में उच्च सतर्कता (हाई अलर्ट) घोषित किया गया है और निगरानी तथा सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, देर रात सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध ड्रोन को मंडराते हुए देखा गया। जैसे ही यह गतिविधि सामने आई, भारतीय सेना के जवानों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया और पूरे क्षेत्र में निगरानी तेज कर दी। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा आधुनिक तकनीकी उपकरणों और जमीनी गश्त के माध्यम से ड्रोन की संभावित गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका
अधिकारियों को आशंका है कि इन ड्रोनों का उपयोग भारतीय सीमा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक या नशीले पदार्थों की खेप गिराने के प्रयास के रूप में किया जा सकता है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए, राजौरी और सांबा के अग्रिम क्षेत्रों, खेतों, जंगलों, नालों और अन्य संवेदनशील स्थानों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में सेना, बीएसएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और विशेष खोजी दल शामिल हैं।
सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन के संभावित उड़ान मार्ग और उसकी गतिविधियों का लगातार विश्लेषण कर रही हैं। सीमावर्ती चौकियों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तत्काल जवाब देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली और ड्रोन रोधी उपकरणों को भी सक्रिय रखा गया है।
स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील
स्थानीय प्रशासन ने सीमावर्ती गांवों के निवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु, पैकेट या ड्रोन से संबंधित कोई सामग्री दिखाई दे, तो उसे बिल्कुल भी न छुएं। इसके बजाय, तत्काल इसकी सूचना सेना, बीएसएफ या पुलिस को दें। सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने का आग्रह किया है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी के कई प्रयासों का पर्दाफाश हुआ है। ऐसे में, किसी भी संदिग्ध ड्रोन गतिविधि को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत गंभीरता से लिया जाता है और तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया जाता है।
फिलहाल, राजौरी और सांबा के सीमावर्ती क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी संदिग्ध सामग्री की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।
