राजस्थान में मिली 400 साल पुरानी चोरी की अष्टधातु तोप, एमपी पुलिस ने की बरामदगी
मध्य प्रदेश के नरवर किले से चोरी हुई 3500 किलो वजनी, 400 साल पुरानी ऐतिहासिक तोप राजस्थान के करौली में बरामद हुई। करीब 60 पुलिसकर्मी 15-16 जुलाई की रात हुई चोरी के बाद से कर रहे थे तलाश।

द क्लिफ न्यूज़ | करौली | 23 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक नरवर किले से 15-16 जुलाई 2026 की रात चोरी हुई करीब 3500 किलोग्राम वजनी और 400 साल पुरानी बहुमूल्य तोप मध्य प्रदेश पुलिस ने राजस्थान के करौली जिले में बरामद कर ली है। इस बहुचर्चित चोरी की घटना के बाद से ही मध्य प्रदेश पुलिस सक्रिय थी और राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र स्थित गांवड़ा मीणा गांव में स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त तलाशी अभियान चला रही थी।
यह ऐतिहासिक तोप शिवपुरी जिले की एक महत्वपूर्ण धरोहर मानी जाती थी, जिसके चोरी हो जाने से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए थे। पुलिस की लगातार और गहन जांच के फलस्वरूप, यह तोप राजस्थान के करौली क्षेत्र में पाई गई, जिससे मामले का खुलासा करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।
तोप की बरामदगी और तलाशी अभियान
नरवर किले से तोप की चोरी के बाद से ही पुलिस ने संभावित ठिकानों पर जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर राजस्थान के करौली क्षेत्र में तलाश अभियान चलाया जा रहा था। इस तलाशी अभियान में मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी, जिसमें 60 से अधिक पुलिसकर्मी जुटे हुए थे। पुलिस ने संदिग्ध स्थानों पर जेसीबी मशीनों की मदद से खुदाई भी की, ताकि तोप से जुड़े किसी भी सुराग का पता लगाया जा सके।
चोरी का संभावित मकसद: अष्टधातु की गलत धारणा
पुलिस को आशंका है कि चोरों ने इस प्राचीन तोप को अष्टधातु से निर्मित होने की गलत धारणा के चलते निशाना बनाया था। ऐसी मान्यता है कि अष्टधातु में सोना सहित आठ प्रकार की धातुओं का मिश्रण होता है, जो इसे अत्यधिक मूल्यवान बना सकता है। इसी लालच में चोरों ने इतनी भारी और ऐतिहासिक वस्तु को चोरी करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि तोप वास्तव में किन धातुओं से निर्मित है और चोरी के पीछे असली मकसद क्या था। बरामदगी के बाद अब विस्तृत जांच की जाएगी।
ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा पर सवाल
नरवर किला मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। यहां रखी यह विशाल तोप क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक मानी जाती थी। इसके चोरी होने की घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को आहत किया है, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। पुलिस वर्तमान में चोरी की गई तोप को सुरक्षित बरामद करने और इस कृत्य में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रही है।
