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राजगढ़ में बारिश का कहर: नाले में बही ईको वैन, 9 की मौत, 2 लापता

मध्य प्रदेश के राजगढ़ में मूसलाधार बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा हुआ है। पचोर-सारंगपुर मार्ग पर झिरी नाले के तेज बहाव में 11 लोगों से भरी ईको वैन बह गई, जिसमें 9 लोगों के शव बरामद हुए हैं।

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राजगढ़ में बारिश का कहर: नाले में बही ईको वैन, 9 की मौत, 2 लापता

द क्लिफ न्यूज़ | राजगढ़ | 11 अगस्त 2026

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं सोमवार सुबह पचोर-सारंगपुर मार्ग पर एक बड़ा हादसा हुआ। झिरी नाले में तेज बहाव के बावजूद एक ईको वैन को पार करने की कोशिश में वह पानी में समा गई। इस ईको वैन में एक ही परिवार के 11 लोग सवार थे, जिनमें से अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। मृतकों में तीन पुरुष, दो महिलाएं और एक तीन वर्षीय मासूम बच्चा शामिल है। गनीमत रही कि दो लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम ने बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन नाले में पानी के तेज बहाव के कारण बचाव कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बरामद किए गए शवों को सारंगपुर ले जाया गया, जहां आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

पुल के अधूरे निर्माण ने ली जान

इस भीषण हादसे का एक प्रमुख कारण झिरी नाले पर निर्माणाधीन अधूरा पुल बताया जा रहा है। पड़ाना कस्बे के पास लगभग 30 फीट लंबे इस पुल का निर्माण कार्य जारी था। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया और पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। पानी के तेज बहाव और जलभराव के कारण निर्माणाधीन पुल का अधूरा हिस्सा पानी में छिप गया था, जिससे चालक को वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग सका। इसी अनभिज्ञता के चलते ईको वैन पानी के बीच से आगे बढ़ी और तेज बहाव की चपेट में आकर कुछ ही क्षणों में बह गई।

देवास जिले से आया था परिवार

दुर्घटनाग्रस्त ईको वैन में सवार सभी लोग देवास जिले के निवासी थे। वे सतवास से कड़लावद गांव की ओर जा रहे थे। वाहन सतवास क्षेत्र के धांसड़ गांव निवासी मुकेश सिंह चौहान के नाम पर पंजीकृत था और हादसे के समय वही वाहन चला रहे थे। दुर्भाग्यवश, मुकेश सिंह चौहान और उनके चाचा हुकुम सिंह ही तैरकर निकलने में सफल रहे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य वाहन सहित तेज बहाव में बह गए। वाहन में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें 3 पुरुष, 4 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल थे।

मासूम की मौत से पसरा मातम

इस हादसे में तीन साल के मासूम बच्चे की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार के कई सदस्यों की दुखद मृत्यु से देवास जिले में उनके गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए थे। प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की और बचाव अभियान चलाया। पानी के तेज बहाव को देखते हुए किसी भी व्यक्ति को नाले में उतरने से रोका गया।

बारिश के कारण नदियाँ-नाले उफान पर

राजगढ़ सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। इस कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, और कई स्थानों पर पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है। ऐसी स्थिति में ग्रामीण और छोटे मार्गों पर आवागमन अत्यंत जोखिम भरा हो गया है। राजगढ़ का यह हादसा बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों और निर्माणाधीन पुलों से गुजरने के खतरों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। जब पानी किसी पुल या रपटे के ऊपर से बह रहा होता है, तो उसकी गहराई और बहाव की गति का अनुमान लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है। प्रशासन द्वारा लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि वे तेज बहाव वाले नालों, रपटों या पुलों को पार करने का जोखिम न उठाएं और पानी कम होने का इंतजार करें।

नौ लोगों की जान लेने वाला यह दुखद हादसा मानसून के दौरान सावधानी बरतने की एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, विशेषकर उन इलाकों में जहाँ जलभराव और तेज बहाव का खतरा रहता है।