राजगढ़: करेंसी एक्सचेंज की आड़ में 5 लाख की धोखाधड़ी, 3 गिरफ्तार
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में पुलिस ने करेंसी एक्सचेंज के नाम पर 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 2.40 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | राजगढ़ | 4 सितंबर 2026
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में पुलिस ने करेंसी एक्सचेंज के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। थाना पचोर पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई राशि में से 02 लाख 40 हजार रुपये नकद जब्त किए गए हैं। यह घटना प्रदेश में बढ़ते वित्तीय अपराधों और उन्हें रोकने के लिए पुलिस की सतर्कता को रेखांकित करती है।
यह मामला 25 अगस्त को तब सामने आया जब सारंगपुर निवासी एक फरियादी ने थाना पचोर में रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी ने आरोप लगाया कि एक महिला और दो पुरुषों ने पचोर मंडी में करेंसी एक्सचेंज के नाम पर उनसे छल-कपट कर 05 लाख रुपये की ठगी की है। फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर, पुलिस ने तुरंत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी।
गिरफ्तारी और बरामदगी
घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री अमित तोलानी के निर्देशन में थाना पचोर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे और एसडीओपी सारंगपुर श्री अरविन्द सिंह के मार्गदर्शन में इस टीम ने आरोपियों की तलाश और धोखाधड़ी की गई राशि की बरामदगी के लिए सघन अभियान चलाया। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र से प्राप्त विश्वसनीय जानकारी के आधार पर, संदिग्धों की पहचान की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आगे की विवेचना जारी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पुलिस द्वारा घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य धोखाधड़ी की गई शेष राशि की बरामदगी और इस आपराधिक गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सहयोगियों का पता लगाना है। इस मामले में विवेचना अभी जारी है, और पुलिस आधुनिक तकनीक और प्रभावी निगरानी के माध्यम से इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों को ठगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से बचाने के लिए त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग और आधुनिक पुलिसिंग के तरीकों को अपना रही है।
