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राहुल के छात्र आंदोलन दावों पर भाजपा का तीखा पलटवार

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी के छात्र आंदोलन संबंधी दावों को तथ्याहीन बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेता देश में भ्रम फैला रहे हैं।

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राहुल के छात्र आंदोलन दावों पर भाजपा का तीखा पलटवार

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 29 जुलाई 2026

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लोकसभा में छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस फायरिंग और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लगाए गए आरोपों के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी के आरोपों को 'तथ्यहीन' और 'भ्रम फैलाने वाला' करार देते हुए कहा कि वे देश के समक्ष गलत सूचना प्रस्तुत कर रहे हैं।

भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, संबित पात्रा ने राहुल गांधी के उस दावे का खंडन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने गोली चलाई और इसके आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिए थे। पात्रा ने स्पष्ट किया कि छात्रों पर गोली चलने की कोई घटना हुई ही नहीं है, ऐसे में गोली चलाने के आदेश देने का प्रश्न ही नहीं उठता।

कानून-व्यवस्था पर प्रक्रियात्मक स्पष्टीकरण

संबित पात्रा ने भारत में कानून-व्यवस्था से संबंधित मामलों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होंने समझाया कि किसी प्रदर्शन या भीड़ के हिंसक होने की स्थिति में, मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी और मजिस्ट्रेट ही परिस्थितियों का आकलन कर निर्णय लेते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्रीय गृह मंत्री किसी स्थानीय स्तर की कानून-व्यवस्था संबंधी कार्रवाई के लिए सीधे तौर पर आदेश जारी नहीं करते। पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया और बिना किसी ठोस तथ्य के बयान दिए। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “अगर राहुल गांधी को कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया की जानकारी नहीं है तो उन्हें अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से जानकारी लेनी चाहिए। लेकिन जागते हुए जो सो रहे हैं, उन्हें जगाया नहीं जा सकता।”

राहुल गांधी के शब्दों पर भाजपा की आपत्ति

भाजपा सांसद ने राहुल गांधी द्वारा लोकसभा भाषण में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों पर भी गंभीर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं को अलग-अलग वर्गों में बांटने की कोशिश की। पात्रा ने इस बात पर बल दिया कि देश का प्रत्येक छात्र सम्मान का पात्र है और किसी भी विद्यार्थी के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग अनुचित है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, परंतु छात्रों और युवाओं के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने भाषण के माध्यम से छात्रों के बीच विभाजन पैदा करने और युवाओं को केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने का प्रयास किया।

अमित शाह की अनुपस्थिति के आरोप का जवाब

लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री अमित शाह की सदन में उपस्थिति को लेकर उठाए गए सवालों पर भी संबित पात्रा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमित शाह अपनी सार्वजनिक और संसदीय जिम्मेदारियों को लेकर हमेशा पारदर्शी रहे हैं और उनके कार्यक्रम पूर्व-निर्धारित एवं सार्वजनिक होते हैं। पात्रा ने दावा किया कि जिस समय राहुल गांधी सदन में बोल रहे थे, उस दौरान गृह मंत्री अमित शाह संसद परिसर में ही मौजूद थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने केवल राजनीतिक आरोप लगाने के उद्देश्य से गृह मंत्री का नाम लिया और पूरे मामले को सनसनीखेज बनाने का प्रयास किया।

भाजपा की राहुल गांधी से तथ्यों की मांग

संबित पात्रा ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार है, परंतु ये सवाल तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने मात्र से कोई भी बात सत्य साबित नहीं हो जाती। भाजपा नेता ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता अब तथ्यों और राजनीति के बीच अंतर करने में सक्षम है। उन्होंने विपक्ष से जिम्मेदार भूमिका निभाने और संवेदनशील मामलों में बयान देने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया।

संसद सत्र में जारी रहेगा राजनीतिक टकराव

छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई और लोकसभा में हुई इस बहस को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। जहाँ कांग्रेस सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा इसे विपक्ष की सोची-समझी राजनीति और भ्रम फैलाने की कोशिश बता रही है। संसद के मानसून सत्र में यह मुद्दा आगे भी राजनीतिक बहस का एक महत्वपूर्ण केंद्र बने रहने की पूरी संभावना है।