राहुल गांधी के आरोपों पर भदौरिया का पलटवार: "झूठ का भ्रम फैलाना बंद करें"
भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष कामना भदौरिया ने राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और मतदाता सूची पर उठाए सवालों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि ये...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 28 सितंबर 2026
भारतीय जनता पार्टी की भिण्ड जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कामना भदौरिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और मतदाता सूची पर उठाए जा रहे सवालों को 'झूठ का भ्रम' करार देते हुए कहा है कि कांग्रेस नेतृत्व को अपनी हार की हताशा में संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना बंद कर देना चाहिए। भिण्ड में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक हैं।
श्रीमती भदौरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और चुनाव आयोग दोनों ही इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने 26 सितंबर को चुनाव आयोग की बैठक का उल्लेख करते हुए बताया कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से स्पेशल इंटेंसिव रिविजन की प्रक्रिया को संवैधानिक फैसला बताया। इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को तूल देना उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवालों का खंडन
जिला पंचायत अध्यक्ष ने राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर विश्वसनीय माने जा रहे मीडिया रिपोर्टों की तथ्यात्मकता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद उन रिपोर्टों का कोई आधार नहीं रहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा फॉर्म-6 के डिक्लेरेशन को लेकर दिए गए वैध निर्णय का हवाला देते हुए कांग्रेस से पूछा कि क्या वे सर्वोच्च न्यायपालिका के फैसलों का सम्मान नहीं करते हैं।
श्रीमती भदौरिया ने कैबिनेट सेक्रेटरी के पत्र और ईसीआईनेट सिस्टम से जुड़े विवादों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक विषयों को चुनावी प्रक्रिया से जोड़कर राजनीतिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आईटी और आईआईआईटी के विशेषज्ञों की एक समिति पहले से ही कार्यरत है, जो प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखती है।
कांग्रेस के इतिहास पर किया कटाक्ष
कांग्रेस के इतिहास पर कटाक्ष करते हुए, श्रीमती भदौरिया ने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने संवैधानिक संस्थाओं पर निशाना साधा हो। उन्होंने कहा कि ईवीएम को 'ब्लैक बॉक्स' बताना, न्यायपालिका पर अभद्र टिप्पणी करना और सेना के शौर्य पर सवाल उठाना उनके राजनीतिक चरित्र का हिस्सा रहा है। उन्होंने विदेशों में जाकर भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने की प्रवृत्ति की भी आलोचना की, जिसे उन्होंने किसी भी जिम्मेदार राजनेता के लिए अशोभनीय बताया।
कांग्रेस से पूछे पांच सीधे सवाल
अंत में, जिला पंचायत अध्यक्ष कामना भदौरिया ने कांग्रेस से पांच सीधे सवाल पूछते हुए आत्ममंथन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चुनाव जनसेवा और नीतियों के माध्यम से जीते जाते हैं, न कि संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करके। उन्होंने कांग्रेस से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या वे वास्तव में देश की संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास करते हैं, या उनकी राजनीति केवल भ्रम फैलाने तक ही सीमित है। श्रीमती भदौरिया ने राहुल गांधी को नसीहत दी कि हार का ठीकरा संस्थानों पर फोड़ने के बजाय अपनी कार्यप्रणाली और नीतियों का विश्लेषण करना अधिक उचित होगा।
