राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला, पैलेट गन के इस्तेमाल पर अमित शाह से मांगा इस्तीफा
लोकसभा से एंटी-पेपर लीक बिल पारित होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा मांगा और सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 29 जुलाई 2026
लोकसभा से 'एंटी-पेपर लीक बिल' के पारित होने के तुरंत बाद, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। संसद परिसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में छात्रों के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया, और दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही तय करने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि एक विपक्ष के नेता के तौर पर जनता, विशेषकर छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सदन में उन्हें अपनी बात पूरी करने से रोका गया। इसी कारण उन्हें संसद के बाहर मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखनी पड़ रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह विपक्ष की आवाज़ को सुने। यदि विपक्ष को अपनी बात कहने का अवसर नहीं मिलेगा, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर हो जाएगी।
संसद में बोलने के अवसर से वंचित करने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, राहुल गांधी ने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि 'एंटी-पेपर लीक बिल' पर चर्चा के दौरान वे छात्रों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और पुलिसिया कार्रवाई का मुद्दा उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका मानना है कि इस तरह के कृत्य से न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन होता है, बल्कि सरकार की जवाबदेही भी कमज़ोर होती है।
छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर सरकार पर सवाल
राहुल गांधी ने अपनी बात को पुष्ट करने के लिए पांच तस्वीरें भी प्रस्तुत कीं। उन्होंने दावा किया कि संसद भवन से महज़ 500 मीटर की दूरी पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गंभीर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने सीधे तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनके अनुसार, ये छात्र अपने भविष्य और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे, लेकिन उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है।
गृह मंत्री अमित शाह से मांगा जवाब, इस्तीफे की मांग
गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने 25 जुलाई को अमित शाह को इस मामले में एक पत्र भी लिखा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली पुलिस की गतिविधियों की नियमित जानकारी गृह मंत्री को दी जाती है, और उन्होंने स्वयं अमित शाह को पुलिस अधिकारियों के साथ इस विषय पर चर्चा करते देखा था। इसी आधार पर राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि यदि गृह मंत्री को कथित पैलेट गन के इस्तेमाल की जानकारी थी, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? और यदि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी, तो यह उनके पद की जिम्मेदारियों पर एक गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।
राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में कहा, “अगर अमित शाह ने पैलेट गन चलाने का आदेश दिया है तो उन्हें जवाब देना होगा। अगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो फिर उन्हें गृह मंत्री बने रहने का अधिकार नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें पद से हटाना चाहिए।” उन्होंने यह भी मांग की कि छात्रों पर बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
'एंटी-पेपर लीक बिल' पर भी जताई आपत्ति
राहुल गांधी ने 'एंटी-पेपर लीक बिल' पर अपनी राय भी लोकसभा में रखने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन उन्हें पर्याप्त समय न मिलने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि केवल कानून बना देने से पेपर लीक जैसी समस्या समाप्त नहीं होगी। इसके लिए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत सुधारों की आवश्यकता है। उनका आरोप था कि सरकार मूल समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल कानूनों के माध्यम से राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रही है।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के कारण कई बार बाधित हुई। सुबह सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद दोपहर में 'एंटी-पेपर लीक बिल' पर चर्चा हुई और लंबी बहस के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बिल पारित होने के तुरंत बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर गंभीर आरोप दोहराए।
राहुल गांधी द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल और गृह मंत्री की जानकारी से जुड़े आरोप उनके सार्वजनिक बयान हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी।
