राहुल गांधी का सरकार पर हमला: जंतर-मंतर पर छात्रों पर कार्रवाई का विरोध
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों से पुलिसिया बर्ताव की निंदा की। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की मांगों पर सरकार से समाधान की अपील की।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 5 अगस्त 2026
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरतना अलोकतांत्रिक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवा देश का भविष्य हैं और सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुने। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं को लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करार दिया और कहा कि मेहनती विद्यार्थियों को न्याय मिलना चाहिए।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
कांग्रेस नेता ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपनी पुरानी मांग को दोहराया। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो। राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने की अपील की और सरकार से उनकी मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालने का आग्रह किया।
संसद सत्र में भी उठेगा मुद्दा
इससे पूर्व, राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जंतर-मंतर पर घायल छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया था कि कांग्रेस उनके मुद्दों को संसद और सार्वजनिक मंचों पर उठाएगी। छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित अनियमितताओं की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में भी विपक्ष द्वारा सरकार को घेरने की तैयारी है।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है। कांग्रेस इस मुद्दे को छात्रों के अधिकारों और युवाओं के भविष्य से जोड़कर देख रही है। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि इस मामले में तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाएगा।
