राघौगढ़ में नल-जल स्मार्ट मीटरों की चोरी, नागरिकों में रोष
गुना के राघौगढ़ में जलापूर्ति की निगरानी के लिए लगाए गए नल-जल स्मार्ट मीटर चोरों के निशाने पर आ गए हैं। बुधवार तड़के वार्ड 2 और 4 से दो मीटर चोरी होने से नागरिकों में असुरक्षा और आक्रोश व्याप्त है।

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 6 अगस्त 2026
गुना जिले के राघौगढ़ नगर पालिका द्वारा शहर में जलापूर्ति की निगरानी के लिए लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब चोर गिरोह का आसान लक्ष्य बन गए हैं। बीती रात (6 अगस्त की तड़के) अज्ञात चोरों ने वार्ड क्रमांक-4 स्थित प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर के समीप और वार्ड क्रमांक-2 के कटरा मोहल्ला स्थित हनुमान मंदिर छतरी के पास लगे सरकारी स्मार्ट मीटरों को निशाना बनाया और उन्हें उखाड़ ले गए। यह घटनाक्रम नागरिकों के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और उनमें व्यापक असंतोष पैदा कर रहा है।
नगर पालिका ने इन स्मार्ट मीटरों को जलापूर्ति की खपत का सटीक आकलन करने और जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्थापित किया था। इन उपकरणों की चोरी से न केवल सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ है, बल्कि जल वितरण प्रणाली की निगरानी में भी बाधा उत्पन्न हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटनाएं हुई हैं। इससे पहले भी वार्ड 1 से इसी प्रकार के मीटर चोरी हो चुके हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं।
बढ़ती चोरी से नागरिकों की चिंता
स्मार्ट मीटरों की लगातार हो रही चोरियों ने राघौगढ़ के नागरिकों की नींद उड़ा दी है। देर रात हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है। नागरिकों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा रात्रि गश्त में शिथिलता बरती जा रही है, जिसके चलते चोरों को अपनी वारदातों को अंजाम देने में आसानी हो रही है। निवासियों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने, चोरी हुए मीटरों को बरामद करने और दोषियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
यह घटना शहरी नियोजन और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चुनौती पेश करती है। नगर पालिका को न केवल क्षतिग्रस्त मीटरों को बदलने की आवश्यकता होगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी उपाय अपनाने होंगे। नागरिकों की सुरक्षा और सरकारी संपत्तियों की रक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
