अरेरा कॉलोनी में सफेद-टॉपिंग पर रोक: निवासियों के विरोध के बाद PWD ने बदला प्रस्ताव, 450 मीटर सड़क अब बनेगी डामर से
अरेरा कॉलोनी में सफेद-टॉपिंग सड़क निर्माण को लेकर महीनों से चल रहे विवाद के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अपना पुराना प्रस्ताव वापस ले...
अरेरा कॉलोनी में सफेद-टॉपिंग सड़क निर्माण को लेकर महीनों से चल रहे विवाद के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अपना पुराना प्रस्ताव वापस ले लिया है। विभाग अब पहले चरण में पुराने कैंपियन ग्राउंड से सावरकर सेतु तक लगभग 450 मीटर सड़क को कंक्रीट के बजाय डामर (अस्फाल्ट) से बनाएगा। यह बदलाव सीधे तौर पर क्षेत्र के हजारों नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को संबोधित करता है।
इंजीनियर-इन-चीफ को भेजा नया प्रस्ताव
PWD के कार्यपालन यंत्री रतन सोमकुंवर ने बताया कि संशोधित योजना तैयार कर ली गई है और इसे इंजीनियर-इन-चीफ के.पी.एस. राणा को अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।
उनके अनुसार, नया प्रस्ताव तकनीकी तौर पर भी अधिक व्यावहारिक है, क्योंकि यहां सफेद-टॉपिंग से सड़क ऊँची हो रही थी और जलभराव जोखिम बढ़ रहा था।
निवासियों की आपत्तियों के बाद फैसला—8 से 10 इंच तक ऊँची हो रही थी सड़क
अरेरा कॉलोनी जैसे महत्वपूर्ण आवासीय क्षेत्र में सफेद-टॉपिंग प्रोजेक्ट को लेकर लगातार जन-विरोध हो रहा था।
निवासियों का कहना था कि करीब ₹11 करोड़ की लागत से बन रही सड़क की ऊँचाई 8 से 10 इंच बढ़ गई थी, जबकि क्षेत्र में ड्रेनेज नेटवर्क मौजूद ही नहीं है।
इससे मानसून के दौरान बारिश का पानी सीधे घरों और दुकानों में घुसने की आशंका थी।
कॉलोनी में रहने वाले कई सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी चेतावनी दी थी कि ऊँची सड़कें आसपास के घरों के लिए गंभीर खतरा बन जाएँगी।
Free Press की रिपोर्ट के बाद समीक्षा तेज हुई
16 अक्टूबर को Free Press द्वारा सड़क निर्माण से जुड़े ट्रैफिक अव्यवस्था और विभागीय समन्वय की कमी पर प्रकाशित रिपोर्ट के बाद मुद्दा और तेज़ी से उभरा।
इसके बाद विभाग ने परियोजना की समीक्षा की और पाया कि स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत कई तकनीकी आपत्तियाँ उचित हैं।
PWD अधिकारियों ने पुष्टि की कि डॉक्टरों तथा अन्य पेशेवरों के समूहों द्वारा भेजे गए आपत्तिपत्र भी संशोधित प्रस्ताव में शामिल किए गए हैं।
800 से अधिक घरों को तुरंत राहत
संशोधित प्रस्ताव के अनुसार, 450+ मीटर की पूर्व निर्धारित कंक्रीट सड़क को रद्द कर दिया गया है और उसकी जगह डामर सड़क बनाई जाएगी।
यह निर्णय E-1 से E-5 सेक्टर तक के 800 से अधिक घरों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
प्रत्येक सेक्टर के 120 से अधिक परिवारों ने शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और PWD मंत्री राकेश सिंह को पत्र लिखकर इस सुधारात्मक कदम का समर्थन किया और जल्द स्वीकृति की मांग की है।
यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है? – संदर्भ व विश्लेषण
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भोपाल में पिछले कुछ वर्षों से सफेद-टॉपिंग परियोजनाओं को लेकर कई इलाकों में विवाद सामने आए हैं—मुख्यतः सड़क ऊँचाई, ड्रेनेज और जलभराव चिंताओं के कारण।
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अरेरा कॉलोनी जैसे घनी आबादी वाले प्रीमियम क्षेत्र में गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती, क्योंकि यह शहर का प्रमुख प्रशासनिक और मेडिकल हब है।
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तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि जहाँ ड्रेनेज सिस्टम कमजोर है, वहां सफेद-टॉपिंग से सड़क ऊंची होने पर जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
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इस संशोधन से सरकार ने संकेत दिया है कि वह जन प्रतिक्रिया को सुनने और परियोजना सुधारने के लिए तैयार है, जो शहरी प्रबंधन की दृष्टि से सकारात्मक संकेत है।
