पूर्व कैबिनेट मंत्री हनुमत सिंह का निधन, बलरामपुर में शोक की लहर
उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजसेवी हनुमत सिंह का निधन हो गया है। उनके निधन से बलरामपुर सहित प्रदेश में शोक...

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 27 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रख्यात समाजसेवी श्री हनुमत सिंह का निधन हो गया है। उनके निधन से बलरामपुर सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। श्री सिंह का जीवन सामाजिक सेवा, जनसंघर्ष, न्याय और जनकल्याण के प्रति अटूट समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता रहा है।
श्री हनुमत सिंह का जन्म 1 मई 1943 को जनपद बस्ती के मरवटिया ग्राम में हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से विधि की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 1965 से बलरामपुर में एक अधिवक्ता के तौर पर अपनी सेवाएं शुरू कीं। अपनी प्रतिभा, ईमानदारी, सादगी और न्यायप्रियता के बल पर उन्होंने जिले के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं के बीच एक विशिष्ट स्थान बनाया। वे न केवल एक सफल अधिवक्ता थे, बल्कि सामाजिक, धार्मिक और जनहित के कार्यों में भी सदैव अग्रणी रहे। उन्होंने समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता को अपने जीवन का प्रमुख उद्देश्य बनाया था।
राजनीतिक सफर और मंत्री पद का अनुभव
अपने राजनीतिक जीवन में श्री हनुमत सिंह ने वर्ष 1985 में पहली बार बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। इसके बाद, वर्ष 1989 में वे बलरामपुर से विधायक निर्वाचित हुए और 1991 में पुनः विधायक चुने गए। उन्होंने 1989 से 1993 तक बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र का सफलतापूर्वक प्रतिनिधित्व किया। उनकी कार्यकुशलता और जनसेवा को देखते हुए, तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री कल्याण सिंह के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में उन्हें 24 जून 1991 से 6 दिसंबर 1992 तक गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री के रूप में कैबिनेट मंत्री का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया था। मंत्री रहते हुए, उन्होंने गन्ना किसानों के हितों की रक्षा, चीनी उद्योग के विकास और प्रदेश के कृषि आधारित उद्योगों को सशक्त बनाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए।
वाजपेयी से घनिष्ठ संबंध और सांगठनिक भूमिका
श्री हनुमत सिंह का पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के साथ घनिष्ठ राजनीतिक और संगठनात्मक संबंध रहा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने, राष्ट्रवादी विचारधारा के विस्तार तथा जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी सादगी, स्पष्टवादिता, ईमानदारी और जनसरोकारों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता ने उन्हें जनमानस के बीच विशेष सम्मान दिलाया।
उन्हें सामाजिक और राष्ट्रवादी विचारों की प्रेरणा अपने पिता श्री केसरी सिंह से मिली थी, जो स्वयं सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहे। श्री केसरी सिंह ने वर्ष 1952 में हिंदू महासभा के प्रत्याशी के रूप में बस्ती विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
पारिवारिक जीवन में, श्री हनुमत सिंह के भाई विजय प्रताप सिंह एवं शिव प्रताप सिंह तथा चार बहनें थीं। उनके परिवार में एक पुत्र अखिलेश प्रताप सिंह और दो पुत्रियाँ मीटा सिंह एवं गुड़िया सिंह हैं।
अंतिम संस्कार
श्री हनुमत सिंह का संपूर्ण जीवन न्याय, सेवा, सामाजिक समर्पण और जनकल्याण की भावना से ओत-प्रोत रहा। वकालत, राजनीति और समाजसेवा के माध्यम से उन्होंने बलरामपुर और आसपास के क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन को जनपद, प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। उनके आदर्श, कार्यशैली और जनसेवा का भाव सदैव समाज और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। उनका दाह संस्कार कल सुबह 10 बजे राप्ती घाट, बलरामपुर में किया जाएगा।
