पुरानी पेंशन बहाली और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग उठी
भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर आयोजित संकल्प सभा में शिक्षकों और कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाली व संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग की।

द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 9 अगस्त 2026
महोबा में भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ और काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस के अवसर पर संयुक्त संघर्ष संचालन समिति (एस-4) की जिला इकाई ने एक दिवसीय संकल्प सभा का आयोजन किया। इस सभा में स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की जोरदार मांग उठाई गई।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों ने भविष्य की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और उत्तर प्रदेश पेंशन प्रणाली (यूपीएस) जैसी योजनाओं को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। शिक्षक नेता सुशील त्रिपाठी ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह आवश्यक है। इसके साथ ही, उन्होंने शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और अन्य संविदा कर्मचारियों को तत्काल नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
अनिवार्यताएं समाप्त करने की भी उठी आवाज
संकल्प सभा को संबोधित करते हुए अन्य शिक्षक नेताओं ने भी महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। शिक्षक नेता रमाकांत मिश्रा ने कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की। समिति के संयोजक प्रशांत सक्सेना ने कहा कि शहीदों के सपनों का भारत तभी साकार हो सकता है जब शिक्षक और कर्मचारी भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण में कार्य करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसमें विभिन्न संगठनों के कर्मचारी शामिल होंगे।
सभा के अंत में, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को संबोधित एक ज्ञापन ईमेल और पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजने का निर्णय लिया गया, जिसमें कर्मचारियों की प्रमुख मांगों का उल्लेख किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान, माध्यमिक शिक्षक संघ के नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष श्री पाठक का माल्यार्पण कर गर्मजोशी से स्वागत भी किया गया। इस अवसर पर नवीन गुप्ता, ज्योति प्रकाश तिवारी, पवनेश पाठक, विजय अग्रवाल, रूप सिंह राजपूत, मदन पाल सिंह, देवेश तिवारी, पंकज नगायच, रवेंद्र सिंह, चंद्रभान कुशवाहा, वीरेंद्र कुमार, रमाशंकर वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी तिरंगा लेकर उपस्थित रहे, जो उनकी राष्ट्रीय भावना और अपनी मांगों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
