प्रियंका गांधी का केंद्र पर हल्लाबोल: युवा प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई, पेपर लीक पर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी वाड्रा ने देश भर में युवा प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर कार्रवाई और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

द क्लिफ न्यूज़ | 25 जुलाई 2026
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर देश के युवाओं और छात्रों के साथ कथित 'तानाशाही' रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने विशेष रूप से युवा प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर की गई कार्रवाई तथा परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक के गंभीर मुद्दों को उठाया है। प्रियंका गांधी ने कहा है कि युवाओं की आवाज़ को दबाकर और उनके हकों का हनन करके देश नहीं चलाया जा सकता।
पार्टी की एक वरिष्ठ नेता के तौर पर, प्रियंका गांधी ने हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों और युवाओं द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों और उन पर की गई सरकारी कार्रवाई को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन करते हुए युवाओं की चिंताओं को सुना जाना चाहिए, न कि उन्हें बलपूर्वक शांत करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
युवाओं के हकों पर सरकार के कथित दमन का आरोप
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बयान में सरकार के रवैये को 'तानाशाही' करार देते हुए कहा कि यह देश के भविष्य के लिए अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं के अधिकारों और उनकी आवाज को दबाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने युवाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने के महत्व पर भी बल दिया।
परीक्षाओं में पेपर लीक: एक राष्ट्रीय समस्या
पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी करते हुए, प्रियंका गांधी ने कहा कि यह एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बन गई है, जो लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। इस मुद्दे पर सरकार की निष्क्रियता या अपर्याप्त कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए, उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की पवित्रता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। इस तरह के लीक से न केवल योग्य छात्र प्रभावित होते हैं, बल्कि शिक्षा प्रणाली में आम जनता का विश्वास भी कम होता है।
उन्होंने छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को सशक्त और सुरक्षित महसूस कराना अत्यंत आवश्यक है।
