प्रसूता मृत्यु के बाद मदर केयर हॉस्पिटल सील, अभिलेखों के अभाव में कार्रवाई
प्रसूता की मृत्यु के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने आवास विकास स्थित मदर केयर हॉस्पिटल को सील कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत...

द क्लिफ न्यूज़ | 24 जुलाई 2026
जनपद में एक प्रसूता की मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को आवास विकास स्थित मदर केयर हॉस्पिटल के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देश पर उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी (पंजीकरण) डॉ. आर. सी. माथुर के नेतृत्व में एक टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई भी संचालक, चिकित्सक अथवा अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के पंजीकरण, मरीज के उपचार, भर्ती, प्रसव, रेफरल और प्रसूता की मृत्यु से संबंधित सभी अभिलेखों की मांग की, लेकिन अस्पताल प्रबंधन कोई भी आवश्यक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में उपचार संबंधी अभिलेखों का संधारण भी संतोषजनक नहीं पाया गया।
जांच में सहयोग न करने पर कार्रवाई
जांच दल ने प्रसूता के उपचार से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटोग्राफ और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच सुनिश्चित करना है। प्रकरण में मातृ मृत्यु ऑडिट (Death Audit) भी शुरू कर दिया गया है, जिसके तहत मृत्यु के वास्तविक कारणों और उपचार प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न कराने और जांच में सहयोग न करने को एक गंभीर मामला मानते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नियमानुसार चिकित्सालय को तत्काल सील करने का निर्णय लिया। संबंधित अभिलेखों की गहन जांच के बाद आवश्यक विभागीय एवं विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर जोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि जनपद में किसी भी मरीज के जीवन के साथ लापरवाही या स्वास्थ्य विभाग के नियमों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी निजी चिकित्सालयों के लिए पंजीकरण की शर्तों का पालन करना और उपचार से संबंधित अभिलेखों का विधिवत संधारण करना अनिवार्य है। जांच में सहयोग न करने या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. उपाध्याय ने आगे कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनपदवासियों को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस मामले की जांच निष्पक्ष रूप से पूरी की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
