BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

प्रसव के बाद मां-बेटी की मौत, अस्पताल में हंगामा और हाईवे जाम

फर्रुखाबाद में प्रसव के दौरान मां और नवजात बेटी की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया। आक्रोशित ग्रामीणों ने इटावा-बरेली हाईवे जाम कर दिया।

Few hours ago
3 मिनट में पढ़ें
प्रसव के बाद मां-बेटी की मौत, अस्पताल में हंगामा और हाईवे जाम

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 8 अगस्त 2026

फर्रुखाबाद के नरायनपुर मोहल्ले में प्रसव के दौरान एक महिला और उसकी नवजात बेटी की मौत के बाद शनिवार को मेजर एसडी सिंह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही बरतने, शव सौंपने में आनाकानी करने और विरोध करने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने इटावा-बरेली हाईवे पर ग्राम विजाधरपुर के निकट जाम लगा दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया।

नरायनपुर निवासी जितेंद्र कुमार, जो पापड़ी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, ने बताया कि शुक्रवार को उनकी पत्नी सविता को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह सविता ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। जितेंद्र के अनुसार, प्रसव के बाद अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों ने मां और बच्ची की हालत सामान्य बताई थी। उन्होंने अपनी नवजात बेटी को कुछ देर तक गोद में भी लिया था।

अचानक बिगड़ी हालत और मौत का दावा

परिजनों का आरोप है कि इसके तुरंत बाद अस्पताल की ओर से बच्ची की हालत बिगड़ने और उसकी मृत्यु की सूचना दी गई। कुछ ही समय बाद सविता को वेंटिलेटर पर होने की जानकारी दी गई और बाद में उसकी भी मृत्यु होने की बात परिजनों को बताई गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने उनसे कुछ कागजातों पर अंगूठे लगवा लिए थे।

शवों को लेकर आनाकानी और मारपीट का आरोप

जब परिवार के लोगों ने मां और बच्ची दोनों के शवों को उनके सुपुर्द करने की मांग की, तो अस्पताल कर्मियों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सुरक्षा गार्डों और कर्मचारियों ने जितेंद्र और परिवार की महिलाओं के साथ मारपीट की। परिजनों का यह भी आरोप है कि विरोध के दौरान जितेंद्र के बुजुर्ग पिता के पैर पर एक एंबुलेंस का पहिया चढ़ गया। परिवार के अनुसार, अस्पताल प्रशासन ने नवजात और प्रसूता के शवों को लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी, जिससे परिजनों में गहरा आक्रोश फैल गया।

ग्रामीणों ने लगाया हाईवे पर जाम

घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ग्रामीणों ने दोपहर करीब तीन बजे नरायनपुर के सामने रिलायंस पेट्रोल पंप के पास इटावा-बरेली हाईवे पर जाम लगा दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और काफी देर तक यातायात ठप रहा।

जांच और कार्रवाई की मांग

परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही कोतवाल फतेहगढ़ तेज सिंह, थानाध्यक्ष कादरी गेट कपिल कुमार और सेन्ट्रल जेल चौकी प्रभारी शिव कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जाम खुलवाया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।