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प्रधानमंत्री का ऑटो उद्योग को वैश्विक मंच पर बढ़ने का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SIAM सम्मेलन में ऑटो उद्योग से FTA का लाभ उठाकर वैश्विक बाजार में विस्तार, नवाचार और हरित मोबिलिटी पर जोर देने को कहा।

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प्रधानमंत्री का ऑटो उद्योग को वैश्विक मंच पर बढ़ने का आह्वान

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 4 सितंबर 2026

भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को हाल ही में हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का अधिकतम लाभ उठाकर वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में अग्रसर होने का आह्वान करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग से नवाचार, निर्यात और हरित मोबिलिटी को नई गति देने पर जोर दिया है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के वार्षिक सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का ऑटो सेक्टर न केवल देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, बल्कि रोजगार सृजन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते भारतीय उद्योग के लिए नए वैश्विक बाजारों के द्वार खोल रहे हैं। उन्होंने ऑटोमोबाइल कंपनियों को इन अवसरों का सक्रिय रूप से उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे अपने उत्पादों, उन्नत तकनीक और अपने ब्रांड को दुनिया के विभिन्न कोनों तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें। उद्योग जगत से उन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के उच्च मानकों को पूरा करने के लिए गुणवत्ता और नवाचार पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

'मेक इन इंडिया' और PLI से विनिर्माण को मिली मजबूती

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) जैसी दूरगामी पहलों ने देश में विनिर्माण के अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र को काफी मजबूत किया है। ऑटोमोबाइल और ऑटो-कंपोनेंट क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करने में सफल रहा है।

उन्होंने उद्योग से आग्रह किया कि वे केवल घरेलू मांग को पूरा करने तक ही सीमित न रहें, बल्कि भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल विनिर्माण और निर्यात के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करें और उस पर कार्य करें। यह न केवल भारत की आर्थिक शक्ति को बढ़ाएगा, बल्कि विश्व स्तर पर देश की औद्योगिक साख को भी मजबूत करेगा।

इलेक्ट्रिक वाहन और हरित मोबिलिटी का बढ़ता चलन

प्रधानमंत्री ने भारतीय मोबिलिटी सेक्टर में हो रहे तीव्र परिवर्तन को रेखांकित किया, जो तेजी से नई तकनीक, ऊर्जा दक्षता और हरित ऊर्जा समाधानों की ओर बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के प्रसार के साथ-साथ, बैटरी तकनीक, चार्जिंग अवसंरचना के विकास और स्वच्छ ऊर्जा-आधारित परिवहन प्रणालियों में नए और महत्वपूर्ण अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।

उन्होंने ऑटो उद्योग से पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकियों को अपनाने, अनुसंधान और विकास (R&D) में निवेश को प्रोत्साहित करने और भविष्य की उभरती जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक उत्पादों को विकसित करने की अपील की। यह कदम भारत को सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा और वैश्विक स्तर पर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने में एक अग्रणी भूमिका निभाएगा।

वर्ष 2047 के 'विकसित भारत' लक्ष्य में ऑटो सेक्टर की भूमिका

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में ऑटोमोबाइल उद्योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए, उद्योग को बड़े और साहसिक निर्णय लेने, निवेश को बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को निरंतर मजबूत करने की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि भारत की विशाल युवा आबादी, तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग, सुदृढ़ घरेलू बाजार और एक तेजी से विकसित होता विनिर्माण क्षेत्र, ये सभी कारक ऑटो उद्योग के लिए अपार अवसर प्रदान कर रहे हैं, जिनका लाभ उठाने का यह सही समय है।

निर्यात वृद्धि पर उद्योग का केंद्रीय फोकस

प्रधानमंत्री के संदेश का मुख्य सार भारतीय ऑटो उद्योग को घरेलू बाजार की सीमाओं से परे, वैश्विक मंच पर विस्तार करने के लिए प्रेरित करना रहा। मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से, भारतीय उत्पादों को कई विदेशी बाजारों में बेहतर पहुंच मिलने की प्रबल संभावना है। ऐसे में, यह अत्यंत आवश्यक है कि भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां गुणवत्ता, लागत-प्रभावशीलता, डिजाइन, तकनीकी उत्कृष्टता और बिक्री-पश्चात सेवाओं के मामले में वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हों।

उन्होंने उद्योग जगत से सरकार द्वारा संचालित नीतियों और बदलती वैश्विक गतिशीलता का विवेकपूर्ण ढंग से लाभ उठाते हुए, भारत को विश्व के प्रमुख ऑटोमोबाइल विनिर्माण और निर्यात केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट है: मुक्त व्यापार समझौतों से खुले वैश्विक बाजारों का पूरा लाभ उठाएं, भारत की विनिर्माण शक्ति को बढ़ाएं, और भारतीय ऑटो उद्योग को विश्व की सड़कों तक पहुंचाएं।