प्रभारी मंत्री ने फर्रुखाबाद जिला जेल का किया औचक निरीक्षण, दिए निर्देश
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने फर्रुखाबाद की फतेहगढ़ जेल का निरीक्षण कर बंदियों की सुविधाओं, भोजन और सुरक्षा का जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्था सुधारने के...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 11 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री और फर्रुखाबाद जिले के प्रभारी मंत्री, जयवीर सिंह ने शुक्रवार को जिला कारागार फतेहगढ़ का एक अप्रत्याशित दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान, मंत्री ने जेल परिसर में कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता के मानकों, स्वास्थ्य सेवाओं और समग्र सुरक्षा व्यवस्था का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने जेल अधिकारियों से कैदियों की कुल संख्या और उन्हें प्रदान की जा रही विभिन्न सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
प्रभारी मंत्री ने जेल की पाकशाला का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि भोजन तैयार करने के लिए कैदियों की तैनाती एक पारदर्शी रोस्टर प्रणाली के अनुसार हो। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि भोजन की गुणवत्ता शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
कैदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बंदी चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान, मंत्री जयवीर सिंह ने पुरुष और महिला कैदियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि संक्रामक या गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कैदियों को अन्य सामान्य कैदियों से अलग रखा जाए, ताकि किसी भी तरह के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी बंदी आवश्यक चिकित्सा देखभाल से वंचित न रहे, जेल प्रशासन को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
कारागार प्रशासन के साथ बातचीत में, मंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ कैदियों के लिए एक मानवीय और सुधारात्मक वातावरण प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जेलें केवल दंड देने के स्थान न होकर, अपराधियों के पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए भी प्रभावी होनी चाहिए। इस दिशा में जेल प्रशासन को और अधिक सक्रिय होने की आवश्यकता है।
मंत्री ने जेल के भीतर चल रही विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की भी जानकारी ली, जिनका उद्देश्य कैदियों को कौशल सिखाना और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने इन पहलों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा उनका विस्तार करने पर बल दिया, ताकि कैदियों के जेल से छूटने के बाद उनके पुनर्वास में सहायता मिल सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत प्रशासक मोनिका यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा, जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, जेल अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव और चिकित्सक डॉ. नीरज सहित कारागार प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। मंत्री ने जेल की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन को नियमित रूप से इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण का समापन जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और कर्मचारियों की सतर्कता का भी जायजा लिया।
