सोनम वांगचुक के अनशन पर फोर्स-फीडिंग की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में PIL दायर
दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के लिए मेडिकल सहायता और फोर्स-फीडिंग की मांग की गई है।

सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में वांगचुक को तत्काल मेडिकल सहायता प्रदान करने की गुहार लगाई गई है।
स्वास्थ्य और जीवित रहने का संकट
याचिकाकर्ता वकील राकेश कुमार सैनी ने केंद्र और दिल्ली सरकारों से वांगचुक को अस्पताल ले जाकर जबरन भोजन कराने (फोर्स-फीडिंग) के निर्देश देने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि वांगचुक का स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ रहा है और अगले दो दिनों के भीतर उनकी जान को खतरा हो सकता है।
अनशन की पृष्ठभूमि और मांगें
याचिका के अनुसार, वांगचुक पहले ही 8.5 किलो वजन कम कर चुके हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार वांगचुक के साथ आपराधिक या आतंकवादी जैसा व्यवहार कर रही है, जबकि उनकी जान बचाने के लिए कम से कम आवश्यक चिकित्सा सुविधा तो दी जानी चाहिए।
न्यायपालिका से त्वरित कार्रवाई की अपील
याचिकाकर्ता ने न्यायालय से अपील की है कि वांगचुक को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए और उनके जीवन को बचाने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों, विटामिनों और खनिजों का लिक्विड डाइट (तरल आहार) दिया जाए। याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि वांगचुक की मृत्यु राष्ट्र के लिए शर्मिंदगी का कारण बनेगी।
सोनम वांगचुक का विरोध प्रदर्शन
सोनम वांगचुक ने 28 जून को जंतर-मंतर पर कॉकड़ोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों के दौरान अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उनकी मुख्य मांग कथित प्रश्न पत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है। CJP सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच लोकप्रिय हुआ एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन है, जो बेरोजगारी, जवाबदेही और मीडिया की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर राजनीतिक व्यंग्य के माध्यम से आलोचना करता है।
