पीएम मोदी ने कॉमनवेल्थ पदक विजेताओं से की मुलाकात, 'जो खेलेगा, वो खिलेगा' का दिया नारा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने 39 पदकों की उपलब्धि पर खिलाड़ियों का अभिनंदन किया और 'जो खेलेगा, वो खिलेगा' का संदेश दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 10 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 9 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भारतीय पदक विजेता खिलाड़ियों से भेंट की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मुलाकात की पुष्टि की है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनके असाधारण प्रदर्शन की सराहना की और देश के लिए गौरवशाली पदक जीतने पर उन्हें हार्दिक बधाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों के अथक परिश्रम, अनुशासन और खेल भावना की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रत्येक भारतीय को अपने इन सितारों पर गर्व है। उन्होंने खिलाड़ियों को देश की आशा और भविष्य बताया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत का शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। खिलाड़ियों ने कुल 39 पदक अपने नाम किए, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रभावशाली प्रदर्शन के साथ, भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया, जो देश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और खेल प्रतिभा का परिणाम है, जिसने पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी इस उपलब्धि को देश के लिए गौरव का विषय बताया था। पदक विजेताओं के साथ यह मुलाकात सरकार की ओर से खिलाड़ियों के प्रयासों को दिए जाने वाले सम्मान और महत्व को और भी पुष्ट करती है। यह आयोजन खेल के प्रति देश की प्रतिबद्धता और खिलाड़ियों के समर्थन को दर्शाता है।
'जो खेलेगा, वो खिलेगा' - खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने खेलों के प्रति देश में एक सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “जो खेलेगा, वो खिलेगा। ऑलवेज चीयर फॉर भारत।” यह प्रेरणादायक नारा केवल पदक विजेताओं तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने देश भर के युवाओं को खेलों से जुड़ने, अपनी प्रतिभा को निखारने और खेल भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की इन उपलब्धियों को नई पीढ़ी के लिए एक अमूल्य प्रेरणा स्रोत बताया, जो उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
प्रेरणादायक वीडियो रिकॉर्डिंग और राष्ट्रव्यापी संदेश
इस मुलाकात के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने स्वर्ण पदक विजेता युवा मुक्केबाज साक्षी चौधरी के साथ एक विशेष प्रेरणादायक वीडियो भी रिकॉर्ड किया। इस वीडियो में, प्रधानमंत्री और खिलाड़ियों ने मिलकर “भारत माता की जय” का उद्घोष किया, जो देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रबल करता है। इस वीडियो का उद्देश्य खिलाड़ियों की उपलब्धियों, उनकी देशभक्ति की भावना और खेल के प्रति उनके अदम्य उत्साह को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाना था। प्रधानमंत्री ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे भारतीय खिलाड़ियों की सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर और भी अधिक पहचान मिली और लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ।
खिलाड़ियों के मेहनत को मिला राष्ट्रीय सम्मान
प्रधानमंत्री के साथ हुई यह व्यक्तिगत मुलाकात खिलाड़ियों के लिए केवल सम्मान का ही नहीं, बल्कि एक बड़े प्रोत्साहन का अवसर भी रही। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के लिए इस तरह की सीधी बातचीत उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह मुलाकात इस बात को भी रेखांकित करती है कि खेल सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण अंग है।
भारत में खेल संस्कृति को लगातार मजबूत करने और युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने के राष्ट्रीय प्रयासों के बीच, खिलाड़ियों की यह सफलता एक मजबूत संदेश देती है। यह स्पष्ट करता है कि निरंतर अभ्यास, अटूट अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर खिलाड़ी न केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम भी रोशन कर सकते हैं। यह उन युवा एथलीटों के लिए एक मिसाल है जो खेल को अपने करियर के रूप में चुनना चाहते हैं।
नई पीढ़ी के लिए एक नई दिशा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के 39 पदकों की यह शानदार उपलब्धि देश के खेल परिदृश्य में एक नई ऊर्जा लेकर आई है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पदक विजेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात और उनका यह खुला उत्साहवर्धन, इस सफलता को और भी खास बनाता है। प्रधानमंत्री का 'जो खेलेगा, वो खिलेगा' जैसा संदेश, खेलों में अधिक से अधिक भागीदारी को बढ़ावा देने और देश के युवाओं को अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानने के लिए एक शक्तिशाली आह्वान है।
यह उम्मीद की जाती है कि भारतीय खिलाड़ियों की इस अभूतपूर्व सफलता से प्रेरित होकर, देश के युवा खेलों को न केवल एक व्यक्तिगत रुचि या प्रतियोगिता के रूप में देखेंगे, बल्कि इसे अपने भविष्य के निर्माण और राष्ट्र के उत्थान के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में भी स्वीकार करेंगे। यह भारत को खेल के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
