पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश में भोगपुरम एयरपोर्ट का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश के भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। उन्होंने कई अन्य विकास परियोजनाओं की नींव भी रखी, जो राज्य के विकास को नई गति देंगे।

द क्लिफ न्यूज़ | 1 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया, जिनका उद्देश्य आंध्र प्रदेश के आर्थिक विकास, पर्यटन, रोजगार सृजन और औद्योगिक प्रगति को नई गति देना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भोगपुरम स्थित नवनिर्मित हवाई अड्डे को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक विमानन केंद्र नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश, विशेषकर उत्तर आंध्र क्षेत्र के विकास का एक नया 'रनवे' है। उन्होंने इसे राज्य के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक 'लॉन्चपैड' भी बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह हवाई अड्डा क्षेत्रीय विकास को एक नई दिशा प्रदान करेगा।
महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू को सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि जिस भूमि पर महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी नेता अल्लूरी सीताराम राजू ने जनजातीय समुदायों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था, उसी धरती पर आज एक अत्याधुनिक हवाई अड्डे का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने घोषणा की कि केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण नए हवाई अड्डे का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम के वीर नायक श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय सितंबर 2024 में आंध्र प्रदेश कैबिनेट द्वारा लिया गया था। प्रधानमंत्री ने इस परंपरा का भी उल्लेख किया कि किस प्रकार अब देश अपने महान व्यक्तित्वों और संतों के योगदान को एयरपोर्ट जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के नामकरण के माध्यम से सम्मानित कर रहा है, जो पहले अक्सर केवल एक ही परिवार तक सीमित रहते थे। उन्होंने अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट और पंजाब में संत रविदास जी के नाम पर स्थापित एयरपोर्ट का उदाहरण दिया, जो राष्ट्र के महान विभूतियों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
क्षेत्रीय विकास को नई उड़ान
भोगपुरम एयरपोर्ट, जिसका विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत ₹5,640 करोड़ से अधिक की लागत से किया गया है, पहले चरण में प्रति वर्ष छह मिलियन यात्रियों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर स्थित है और विशाखापत्तनम से लगभग 45 किलोमीटर दूर है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह न केवल एक हवाई अड्डा है, बल्कि आंध्र प्रदेश के आर्थिक विकास और विशेष रूप से उत्तर आंध्र के पुनरुत्थान का प्रतीक है। उन्होंने इस परियोजना को राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करने और निवेश को आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बेहतर हवाई संपर्क व्यापार, पर्यटन और निवेश के लिए नए रास्ते खोलता है, जिससे अंततः रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलता है।
बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भोगपुरम एयरपोर्ट के साथ-साथ शुरू की गई अन्य परियोजनाएं आंध्र प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य की तेज गति से हो रही विकास यात्रा का प्रमाण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इन परियोजनाओं में कुर्नूल-IV रिन्यूएबल एनर्जी जोन के एकीकरण के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम – फेज-I (4.5 GW) की नींव रखना भी शामिल है, जो राज्य की ऊर्जा सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेगा।
समुद्री अर्थव्यवस्था और भविष्य की तकनीक पर ध्यान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी समुद्री अर्थव्यवस्था, जिसे 'ब्लू इकोनॉमी' भी कहा जाता है, को लगातार मजबूत कर रहा है। सरकार का लक्ष्य तटीय क्षेत्रों को कोस्टल इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बताया कि विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टनम तक मौजूदा बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, और मुलापेटा तथा रामायापट्टनम में नए बंदरगाह विकसित किए जा रहे हैं, जो आंध्र प्रदेश को समुद्री व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होंगे। यह भारत के तटीय अवसंरचना को बढ़ाने और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को सुविधाजनक बनाने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री ने भविष्य की प्रौद्योगिकियों पर भारत के बढ़ते ध्यान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं की क्षमता का राष्ट्र निर्माण में उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सेमीकंडक्टर जैसी आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट की शुरुआत को उन्होंने इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे तकनीकी क्षेत्र में युवाओं के लिए नए रोजगार और अवसर पैदा होंगे। यह भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की दिशा में एक रणनीतिक पहल है।
सांस्कृतिक विरासत का अनूठा प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान, आदिवासी संस्कृति की एक भव्य प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र बनी रही। प्रधानमंत्री मोदी ने इस आयोजन को विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक इतिहास रचने वाला बताया। उन्होंने विशेष रूप से 13,000 से अधिक आदिवासी महिलाओं और बेटियों द्वारा 'ढिमसा' नृत्य की प्रस्तुति का उल्लेख किया, जिसने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। यह आयोजन न केवल एक विकासोन्मुखी पहल थी, बल्कि आंध्र प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत और सांस्कृतिक विविधता के उत्सव के रूप में भी उभरा। उन्होंने आदिवासी महिलाओं के उत्साह, अनुशासन और अपनी संस्कृति के संरक्षण की भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति भारत की विविधता और जनजातीय विरासत की एक अद्भुत झलक पेश करती है, जो देश की एकता और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करती है।
प्रधानमंत्री ने निष्कर्ष निकाला कि आंध्र प्रदेश का यह क्षेत्र विकास, संस्कृति और विरासत के संगम का प्रतीक बनता जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भोगपुरम एयरपोर्ट, जिसे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से जाना जाएगा, आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा। यह हवाई अड्डा न केवल यात्रा और व्यापार को सुगम बनाएगा, बल्कि इस क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर भी स्थापित करेगा, जिससे आंध्र प्रदेश के विकास में एक नया अध्याय जुड़ेगा।
