पीएम मोदी ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी और 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा
राष्ट्रीय खेल दिवस पर नर्मदापुरम में 'खेलो इंडिया संवाद' का आयोजन हुआ। पीएम मोदी ने युवाओं को 2036 ओलंपिक की मेजबानी और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से प्रेरित किया।

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 27 अगस्त 2026
राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में, भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) क्षेत्रीय निदेशालय, भोपाल के निर्देशानुसार, शासकीय गृह विज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय, नर्मदापुरम में 'खेलो इंडिया संवाद' और 'खेलों की बात पी.एम. मोदी के साथ' युवा कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का युवाओं और खिलाड़ियों के साथ एक लाइव वर्चुअल संवाद संपन्न हुआ। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने एक स्वस्थ, अनुशासित और खेल-उन्मुख राष्ट्र के निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं को देश के विकास एजेंडे के केंद्र में रखने के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए खिलाड़ियों को खेलने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने भारत द्वारा 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने और 2047 तक एक विकसित भारत का निर्माण करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को भी सामने रखा।
नर्मदापुरम के शासकीय गृह विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित इस 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने शिरकत की और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उनके साथ नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू महेंद्र यादव, श्री पीयूष शर्मा, श्रीमती संध्या थापक, श्रीमती नैना सोनी, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता अहिरवार, और एन.एस.एस. जिला संगठक डॉ. हर्षा चचाने ने मंच पर गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
खेल भावना और राष्ट्रीय विकास का संगम
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन, दीप प्रज्ज्वलन और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों का स्वागत सत्कार किया गया। इसके बाद 'खेल की बात पीएम मोदी के साथ' युवा कनेक्ट कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया, जिसे महाविद्यालय परिवार और उपस्थित अतिथियों ने बड़ी तन्मयता से देखा।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता अहिरवार ने अपने संबोधन में इस कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों के माध्यम से युवाओं को प्रख्यात खिलाड़ियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम युवाओं और खिलाड़ियों को एक राष्ट्रीय मंच उपलब्ध करा रहा है, जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। प्राचार्य ने वर्तमान में विभिन्न खेलों में जिले का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किए जाने की जानकारी भी दी। इस राष्ट्रीय मंच पर युवाओं को अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर प्राप्त होता है।
खिलाड़ियों के प्रोत्साहन और सरकारी सहयोग पर जोर
मुख्य अतिथि श्रीमती माया नारोलिया ने अपने उद्बोधन में खेल में जीत की भावना के साथ-साथ बेहतर प्रदर्शन करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विवेक सागर, आध्या तिवारी और हर्षिता तोमर जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए युवा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। श्रीमती नारोलिया ने इस बात पर भी जोर दिया कि यदि युवा खेल में रुचि रखते हैं, तो सरकार उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने महाविद्यालय की उन छात्राओं की सराहना की जिन्होंने एनसीसी, एनएसएस और खेल के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने पारंपरिक खेलों के आयोजन का भी उल्लेख किया और 'खेलोगे तो खिलोगे' का संदेश देते हुए कहा कि राज्य की पहचान खिलाड़ियों से हो सकती है। उन्होंने खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही सरकारी सुविधाओं का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि न केवल आधुनिक खेल बल्कि पारंपरिक खेलों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई, जो एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सम्मान और आभार: खेल प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम का सफल संचालन क्रीडा अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने किया, जबकि रासेयो के जिला संगठक डॉ. हर्षा चचाने ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय और नर्मदापुरम के उत्कृष्ट खिलाड़ियों के साथ-साथ जिले के खेल प्रशिक्षक बक्तावर खान, जयसिंह भदौरिया, आस्कर मोजिस, रोशनी सोनकर और महेंद्र पंचालिया को सम्मानित किया गया। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से उपस्थित श्री चंद्रशेखर प्रसाद को भी इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के अथक प्रयासों और समर्पण का प्रतीक था जिन्होंने खेल के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस कार्यक्रम में डॉ. जी.सी. पांडे, डॉ. पुष्पा दुबे, डॉ. श्रुति गोखले, डॉ. वैशाली लाल, डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, डॉ. संध्या राय, डॉ. रागिनी सिकरवार, डॉ. सी.एस. राज, डॉ. दुर्गेश तेली, श्री आर.के. चैकीकर, श्री प्रेमकांत कटंगकार, श्री नितेश पाल, कुमारी काजल बाथरे, कुमारी रक्षा बड़कडे, डॉ. मनीषा तिवारी, डॉ. विजया देवासकर, डॉ. निशा रिछारिया, डॉ. कीर्ति दीक्षित, डॉ. रीना मालवीय, श्री अजय तिवारी, श्री शैलेंद्र तिवारी, श्रीमती प्रीति ठाकुर, श्वेता वर्मा, अंकिता तिवारी, देवेंद्र सैनी, शुभम भद्रे, पूजा गोस्वामी (नोडल अधिकारी माय भारत), महाविद्यालय स्टाफ, खिलाड़ी, रासेयो स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट्स और अन्य छात्राएं भी उपस्थित रहीं। इनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया और युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने राष्ट्रीय एकता और खेल भावना के प्रति सम्मान को और गहरा किया।
