पीएम मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की ताशकंद में द्विपक्षीय वार्ता, यूरेनियम सहयोग पर विशेष ध्यान
ताशकंद में पीएम मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की द्विपक्षीय वार्ता हुई। व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और यूरेनियम सहयोग बढ़ाने पर मुख्य रूप से चर्चा की गई।

द क्लिफ न्यूज़ | ताशकंद | 30 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान की अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दूसरे दिन रविवार को ताशकंद में राष्ट्रपति शफकत मिर्जियोयेव के साथ गहन द्विपक्षीय वार्ता की। इस उच्च-स्तरीय मुलाकात में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल थे।
वार्ता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदु दोनों देशों के बीच यूरेनियम सहयोग रहा। उज्बेकिस्तान, जो यूरेनियम का एक महत्वपूर्ण उत्पादक है, की क्षमता भारत की परमाणु ऊर्जा योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। यह चर्चा भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और परमाणु ईंधन आपूर्ति को विविध बनाने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिससे देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा का अवलोकन
प्रधानमंत्री मोदी 29 अगस्त को ताशकंद पहुंचे थे, जहाँ हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाती है। अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ 'यांगी उज्बेकिस्तान' पार्क का भी दौरा किया और स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने इस पार्क को उज्बेकिस्तान के लोगों की प्रगतिशील आकांक्षाओं का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में आयोजित एक योग कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस कार्यक्रम में भारतीय और उज्बेकी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव और लोगों के बीच मजबूत संबंधों को उजागर करती हैं।
एसईओ शिखर सम्मेलन की ओर बढ़ते कदम
उज्बेकिस्तान के बाद, प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में भारत सुरक्षा, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताओं को रखेगा।
फिलहाल, ताशकंद में भारत-उज्बेकिस्तान द्विपक्षीय वार्ता के नतीजों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। विशेष रूप से, ऊर्जा, यूरेनियम, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में होने वाले संभावित नए समझौतों से दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक बल मिलने की उम्मीद है।
