फतेहपुर: विकास भवन आत्मदाह प्रयास में नया मोड़, प्रधान ने शिकायतकर्ता को बताया अपराधी
फतेहपुर के विकास भवन में आत्मदाह के प्रयास की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। ग्राम प्रधान विक्रम प्रताप सिंह ने आरोपों को सिरे...

फतेहपुर | संवाददाता: देवेंद्र सिंह
द क्लिफ न्यूज़ | फतेहपुर | 17 अक्टूबर 2026
फतेहपुर के विकास भवन परिसर में बृहस्पतिवार को हुई आत्मदाह की घटना को लेकर शुक्रवार को नया मोड़ आ गया है। इस मामले में आरोपी बनाए गए गाजीपुर के ग्राम प्रधान विक्रम प्रताप सिंह ने अपने ऊपर लगे पांच लाख रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश और नाटक करार दिया है।
हरिहरगंज में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ग्राम प्रधान विक्रम प्रताप सिंह ने दावा किया कि आत्मदाह का प्रयास करने वाले अजय प्रताप उर्फ जब्बार सिंह का एक लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उन्होंने बताया कि जब्बार सिंह के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में तेरह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें गैंगस्टर एक्ट और जिला बदर जैसी गंभीर धाराएं भी शामिल हैं। प्रधान का आरोप है कि जब्बार सिंह ने उनसे पांच लाख रुपये और पंचायत की एक दुकान की रंगदारी की मांग की थी।
प्रधान पर लगे आरोप निराधार: ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान सिंह ने स्पष्ट किया कि जब्बार सिंह खलिहान की जमीन पर अवैध कब्जा कर स्थानीय लोगों से गुंडा टैक्स वसूलने का काम करता है। उन्होंने कहा कि दुकानों के निर्माण की जांच प्रक्रिया पहले से ही चल रही है और उसकी रिपोर्ट का आना अभी बाकी है। बिना जांच पूरी हुए जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) और प्रधान पर पैसे लेकर कार्रवाई न करने का आरोप लगाना केवल ब्लैकमेलिंग का एक जरिया है।
शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग
प्रधान विक्रम प्रताप सिंह ने आगे कहा कि रंगदारी न मिलने पर जब्बार सिंह ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह का नाटक रचा। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायतकर्ता ने जिला पंचायत राज अधिकारी पर भी जानलेवा हमला करने की कोशिश की। ग्राम प्रधान ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि ऐसे शातिर अपराधी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
