फतेहपुर: गोवध आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, साथी गिरफ्तार
फतेहपुर में गोवध निवारण अधिनियम के तहत वांछित दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में फंस गए। एक के पैर में गोली लगी, दूसरे को गिरफ्तार किया गया। मौके से हथियार और औजार बरामद हुए।

संवाददाता: देवेन्द्र सिंह
द क्लिफ न्यूज़ | फतेहपुर | 25 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में गोवध निवारण अधिनियम के तहत वांछित दो आरोपियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगने के बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके एक साथी को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा है। घटना 24 और 25 अगस्त की मध्य रात्रि को खागा थाना क्षेत्र के ससुर खदेरी नदी के पास बरकतपुर गांव के जंगल में घटित हुई। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई के दौरान गोवध में इस्तेमाल होने वाले औजारों के साथ-साथ एक तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, खागा और हथगांव थाना क्षेत्रों की संयुक्त पुलिस टीम को मुखबिर से इस क्षेत्र में गोवध निवारण अधिनियम से संबंधित एक मामले में वांछित चल रहे आरोपियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल जंगल क्षेत्र की घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस के पहुंचने और घेराबंदी की भनक लगते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और आरोपियों के बीच गोलीबारी हुई।
मुठभेड़ में आरोपी घायल, साथी गिरफ्तार
पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान शहजादे पुत्र दरगाही, निवासी अमांव, के दाहिने पैर में गोली लगी। गोली लगने के बाद वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लिया और घायल अवस्था में उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इसी बीच, भागने की फिराक में लगे उसके लगभग 28 वर्षीय बेटे सीबू उर्फ शहबाज आलम को भी पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
गोवध में प्रयुक्त औजार व हथियार बरामद
पुलिस ने दावा किया है कि घटनास्थल से आरोपियों के कब्जे से गोवध की गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले कई औजार बरामद किए गए हैं। इनमें छह चाकू, दो कुल्हाड़ी, एक चापड़, दो साल वाला पत्थर (पत्थर जिस पर औजारों को तेज किया जाता है), रस्सी/डोरी और सीकड़ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने एक 315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। बरामद की गई सभी वस्तुओं को पुलिस ने साक्ष्य के रूप में अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपियों के खिलाफ दर्ज हैं एक दर्जन से अधिक मुकदमे
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ में घायल हुए शहजादे और गिरफ्तार किए गए सीबू उर्फ शहबाज आलम के खिलाफ फतेहपुर जिले के साथ-साथ अन्य जनपदों में भी 13 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इन दोनों आरोपियों के विस्तृत आपराधिक इतिहास का पता लगाने के लिए सक्रिय रूप से जानकारी जुटा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या उनके खिलाफ अन्य राज्यों में भी कोई मामला दर्ज है। पुलिस इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में भी जुटी हुई है, जिनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और स्थानीय स्तर पर मुखबिरों से जानकारी एकत्र की जा रही है।
सुरक्षा बढ़ाई गई, नेटवर्क की पड़ताल जारी
इस घटना के बाद, पुलिस ने बरकतपुर गांव और ससुर खदेरी नदी के आसपास के जंगल क्षेत्र में अपनी निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस टीम इस बात की भी तहकीकात कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों का नेटवर्क किन अन्य लोगों से जुड़ा हुआ था और गोवध से संबंधित अवैध गतिविधियों में और कौन-कौन से लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी सीबू से पूछताछ के आधार पर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घायल आरोपी शहजादे का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। बरामद हथियारों और अन्य सामान को कानूनी कार्रवाई में साक्ष्य के तौर पर शामिल किया जा रहा है। पुलिस इस मुठभेड़ को गोवध से जुड़े मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही है और अब पूरे नेटवर्क को उजागर करने और अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
