फतेहपुर: दिव्यांग पेंशन में बड़ा फर्जीवाड़ा, परिवार ने पांच साल उठाया लाभ
फतेहपुर में दिव्यांग पेंशन के नाम पर हुए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। एक ही परिवार के सदस्यों के फर्जी कार्ड बनवाकर करीब पांच साल तक दो लाख रुपये से अधिक की सरकारी राशि हड़पने का आरोप है। विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

संवाददाता: देवेंद्र सिंह, यूपी फतेहपुर
द क्लिफ न्यूज़ | फतेहपुर | 8 सितंबर 2026
फतेहपुर जिले में दिव्यांग पेंशन योजना के तहत एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सदर तहसील के गड़रियनपुर मजरे मुरांव गांव में एक ही परिवार के सदस्यों के फर्जी दिव्यांग पेंशन कार्ड बनवाकर करीब पांच साल से सरकारी पेंशन का अनुचित लाभ लेने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में जिला दिव्यांग कल्याण विभाग ने संज्ञान लेते हुए संबंधित पेंशनरों के कार्ड निरस्त कर दिए हैं और राशि की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आरोप है कि परिवार के एक सदस्य, सुमित ने अपनी मां सुनीता, पिता अर्जुन और चाचा ज्ञान सिंह के नाम पर दिव्यांग पेंशन कार्ड बनवाए थे। इन कार्डों के आधार पर, विभाग से करीब पांच वर्षों की अवधि में दो लाख रुपये से अधिक की सरकारी धनराशि परिवार के खातों में पहुंची। प्रारंभिक जांच में जब यह गड़बड़ी सामने आई, तो जिला दिव्यांग कल्याण विभाग हरकत में आया।
फर्जी पेंशन कार्डों पर जारी की गई राशि
जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच में पाया गया कि जिन व्यक्तियों के नाम पर पेंशन स्वीकृत की गई थी, वे वास्तव में दिव्यांग नहीं थे या उनके कार्ड फर्जी तरीके से बनवाए गए थे। विभाग की ओर से तीनों सदस्यों के दिव्यांग पेंशन कार्ड तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। यह महत्वपूर्ण है कि इन फर्जी कार्डों के माध्यम से सरकारी खजाने को बड़ी क्षति पहुंचाई गई है, जिसकी राशि करीब दो लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
रिकवरी की कार्रवाई शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी ने संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किया है। विभाग अब उन पेंशनरों से अब तक प्राप्त की गई सरकारी धनराशि की रिकवरी करने की कार्रवाई करेगा। इस तरह के फर्जीवाड़े सरकारी योजनाओं की पवित्रता को भंग करते हैं और वास्तविक जरूरतमंदों को मिलने वाले लाभ से वंचित करते हैं। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि यह फर्जीवाड़ा किस तरह और किसके सहयोग से संभव हुआ।
