फतेहपुर ARTO दफ्तर में ADM-ASP की छापेमारी, 10 दलाल हिरासत में
फतेहपुर के ARTO कार्यालय में ADM और ASP ने अचानक छापा मारा। आम लोगों के काम कराने के नाम पर पैसे लेने की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई में 10 संदिग्ध दलाल हिरासत में लिए गए हैं।

संवाददाता: देवेन्द्र सिंह
द क्लिफ न्यूज़ | फतेहपुर | 3 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (ARTO) में गुरुवार को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त छापेमारी ने हड़कंप मचा दिया। सहायक जिलाधिकारी (ADM) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के नेतृत्व में हुई इस अचानक कार्रवाई का उद्देश्य आम लोगों के कार्यों में कथित तौर पर बाधा डालने और पैसे ऐंठने वाले दलालों पर शिकंजा कसना था।
छापेमारी की भनक लगते ही ARTO कार्यालय परिसर और उसके आसपास सक्रिय रहने वाले कई दलाल मौके से फरार हो गए। हालांकि, प्रशासनिक और पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए लगभग 25 संदिग्ध लोगों को रोककर पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच-पड़ताल के बाद 15 लोगों को छोड़ दिया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब न दे पाने वाले लगभग 10 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इन हिरासत में लिए गए लोगों से फिलहाल कोतवाली में पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके ARTO कार्यालय से जुड़े संबंधों और गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
दलालों की सक्रियता पर शिकंजा
सूत्रों के अनुसार, ARTO कार्यालय में बाहरी व्यक्तियों के लंबे समय से सक्रिय होने और परिवहन संबंधी कार्य कराने के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें लगातार प्रशासन तक पहुंच रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ADM और ASP ने गोपनीय तरीके से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों ने कार्यालय परिसर के आसपास मौजूद लोगों की गतिविधियों की भी बारीकी से जानकारी जुटाई।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों का ARTO कार्यालय की कार्यप्रणाली से क्या संबंध है और वे किन अनधिकृत गतिविधियों में लिप्त थे। इस कार्रवाई ने कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
सीसीटीवी और कार्यप्रणाली की जांच
छापेमारी के दौरान कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। यदि कैमरों की मौजूदगी के बावजूद बाहरी लोगों की गतिविधियां लंबे समय से जारी थीं, तो निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगता है। इस पहलू की भी जांच की जाएगी।
फिलहाल, किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता के संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को ARTO कार्यालय में अनावश्यक परेशानी से बचाना और अवैध बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। ADM और ASP की इस कार्रवाई के बाद से ARTO कार्यालय परिसर में चर्चाओं का माहौल है और कथित दलालों में भय का माहौल बना हुआ है।
