फतेहगंज पश्चिमी थाने में 34 पुरानी बाइकों की नीलामी, सरकारी खजाने में आए ₹1.54 लाख
बरेली के फतेहगंज पश्चिमी थाना परिसर में सीज खड़ी 34 पुरानी बाइकों की नीलामी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस नीलामी से सरकारी खजाने में ₹1,54,700...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 22 अक्टूबर 2026
बरेली के फतेहगंज पश्चिमी थाना परिसर में लंबे समय से सीज खड़ी 34 पुरानी मोटरसाइकिलों का निस्तारण नीलामी के माध्यम से किया गया है। इस नीलामी प्रक्रिया के संपन्न होने से सरकारी खजाने में 1 लाख 54 हजार 700 रुपये की राशि जमा हुई है। यह पूरी कार्रवाई नायब तहसीलदार सिमरन मथानिया, सीओ हाईवे देवेश सिंह और थाना प्रभारी प्रवीण कुमार की सीधी देखरेख में संपन्न हुई।
इस नीलामी में कुल 27 कबाड़ कारोबारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसने प्रक्रिया को प्रतिस्पर्धी बनाया। नीलामी की शुरुआत 60 हजार रुपये की न्यूनतम बोली के साथ हुई थी, लेकिन कबाड़ कारोबारियों के बीच चली प्रतिस्पर्धा के कारण अंतिम बोली 1 लाख 54 हजार 700 रुपये तक पहुंच गई। इस बोली में एसके ट्रेडर्स के स्वामी मो. अहमद विजयी रहे, जिन्हें ये सभी वाहन सौंप दिए गए हैं।
नीलामी का उद्देश्य और कानूनी आधार
थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने इस नीलामी के संबंध में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि नीलामी में शामिल सभी वाहन मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) की धारा 207 के तहत समय-समय पर सीज किए गए थे। इन वाहनों को विभिन्न कारणों से जब्त किया गया था और लंबे समय से थाना परिसर में जमा थे। परिसर को खाली करने और अव्यवस्था को दूर करने के उद्देश्य से इन वाहनों का निस्तारण आवश्यक हो गया था।
एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत, जब्त किए गए वाहनों को यदि एक निश्चित अवधि तक दावा नहीं किया जाता है, तो उन्हें नीलाम किया जा सकता है। यह प्रक्रिया कानूनी ढांचे के भीतर की गई थी ताकि सार्वजनिक भूमि पर पड़े वाहनों से छुटकारा पाया जा सके और सरकारी संपत्ति का सदुपयोग सुनिश्चित हो सके। इस कार्रवाई से थाना परिसर की जगह खाली कराने में काफी मदद मिली है, जो अव्यवस्था को कम करने में सहायक सिद्ध होगा और थाना परिसर को अधिक व्यवस्थित बनाएगा।
पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया से सरकारी खजाने में वृद्धि
नीलामी प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया गया, जिसमें अधिकारियों की कड़ी निगरानी बनी रही। नायब तहसीलदार सिमरन मथानिया, सीओ हाईवे देवेश सिंह और थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सहित लेखपाल आदित्य गंगवार और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। इस तरह की नीलामी न केवल थाना परिसर की जगह खाली कराती है, बल्कि सरकारी राजस्व में भी महत्वपूर्ण वृद्धि करती है।
इस नीलामी से प्राप्त हुई कुल 1 लाख 54 हजार 700 रुपये की राशि को सरकारी खाते में जमा करा दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने इस नीलामी को नियमानुसार सफल करार दिया है और यह कदम थाना परिसरों में पड़े ऐसे वाहनों के नियमित निस्तारण की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह सुनिश्चित करता है कि जब्त किए गए वाहनों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन हो और उनसे प्राप्त राशि का उपयोग सार्वजनिक हित में हो सके।
