फतेहगंज पश्चिमी में गणेश विसर्जन, भक्तिमय माहौल में दी बप्पा को विदाई
बरेली के फतेहगंज पश्चिमी में सात दिवसीय गणेश चतुर्थी महोत्सव श्रद्धापूर्वक संपन्न। भक्तों ने गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकालकर रामगंगा घाट पर प्रतिमा का विसर्जन...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 20 सितंबर 2026
बरेली के फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में पिछले सात दिनों से चल रहा गणेश चतुर्थी महोत्सव रविवार को पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हो गया। मोहल्ला लोधी नगर स्थित लंगड़े बाबा की मढ़ी मंदिर में आयोजित इस उत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा की प्रतिमा का विधि-विधान से विसर्जन किया।
सोमवार को गणेश प्रतिमा की स्थापना के साथ ही शुरू हुए इस महोत्सव में प्रतिदिन पंडित सौरभ शर्मा और पंडित राजीव शर्मा द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उत्सव के अंतिम दिन, रविवार को विशेष पूजा संपन्न होने के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
भव्य शोभायात्रा के साथ विसर्जन
इसके पश्चात, मोहल्ला वासियों द्वारा गणपति बप्पा की प्रतिमा को एक वाहन पर विराजमान कर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कस्बे के मुख्य बाजारों से गुजरी इस यात्रा में ढोल-नगाड़ों की ताल पर श्रद्धालु 'गणपति बप्पा मोरया' और 'अगले बरस तू जल्दी आ' के जयघोष लगाते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। गुलाल की होली ने भी माहौल में चार चांद लगा दिए।
यह शोभायात्रा पिथुपुरा रामगंगा घाट पर संपन्न हुई, जहाँ अंतिम पूजा के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को गंगा नदी में विसर्जित कर दिया गया। इस आयोजन के मुख्य आयोजक सभासद महेंद्र पाल शर्मा और संगीता मौर्य थे। विसर्जन यात्रा में गौरव मौर्य, सुषमा सक्सेना सहित सैकड़ों की संख्या में पुरुष और महिलाएं शामिल हुए।
सुरक्षा के कड़े प्रबंध
विसर्जन प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। फतेहगंज पश्चिमी के चौकी इंचार्ज आदेश कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे और उन्होंने यात्रा मार्ग पर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस बल ने रामगंगा घाट पर भी कड़ी निगरानी रखी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और विसर्जन प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
सात दिनों तक चले इस गणेश महोत्सव ने न केवल कस्बे में धार्मिक उल्लास का माहौल बनाए रखा, बल्कि स्थानीय लोगों के बीच आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को भी मजबूत किया। श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष पुनः गणेश उत्सव मनाने की कामना के साथ बप्पा को विदाई दी।
