फतेहगढ़ में नाले में गिरा गोवंश, जेसीबी से बचाव कार्य
फतेहगढ़ पुलिस लाइन के सामने नाले में गिरे एक गोवंश को निकालने के लिए समाजसेवी की टीम ने जेसीबी की मदद ली। स्थानीय प्रशासन से...

द क्लिफ न्यूज़ | फतेहगढ़ | 29 जुलाई 2026
फतेहगढ़ पुलिस लाइन के निकट एक गंभीर घटना में, एक गोवंश दुर्भाग्यवश नाले में गिर गया। नाले में गिरे इस बेजुबान को निकालने के लिए काफी प्रयास किए गए, लेकिन वह स्वयं बाहर निकलने में असमर्थ रहा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय समाजसेवी संस्थाएं सक्रिय हो गईं।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, फतेहगढ़ के विनोद गुप्ता ने घटना की जानकारी फोन के माध्यम से समाजसेवी राहुल राठौर को दी। राहुल राठौर ने तत्काल गौ सेवक गोलू माथुर से संपर्क किया। इसके उपरांत, गोलू माथुर अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। करण कुमार, अनुज, कोहिनूर और सागर कुमार की टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया।
बचाव के लिए जेसीबी का प्रयोग
गोवंश को नाले से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए, टीम ने तुरंत एक जेसीबी मशीन मंगवाई। जेसीबी की सहायता से अथक प्रयास के बाद गोवंश को सफलतापूर्वक नाले से बाहर निकाला गया, जिससे उसकी जान बच सकी। इस बचाव कार्य के लिए स्थानीय लोगों ने बचाव दल की सराहना की। बचाव दल के सदस्यों ने बताया कि नाले में पानी का बहाव तेज होने के कारण गोवंश को निकालने में थोड़ी मुश्किल हुई, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी और सफलतापूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया। गोवंश को निकालने के बाद, उसकी प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की गई और उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
गौवंश की सुरक्षा हेतु गौशाला की मांग
इस घटना के संबंध में, राहुल राठौर ने जिला प्रशासन से एक महत्वपूर्ण मांग की है। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़ क्षेत्र में एक स्थायी गौशाला का निर्माण करवाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि एक सुव्यवस्थित गौशाला की स्थापना से क्षेत्र में बेसहारा गोवंश की बेहतर देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं से भी बचा जा सकेगा। राठौर ने बताया कि वर्तमान में फतेहगढ़ में ऐसी कोई उचित व्यवस्था नहीं है जहाँ लावारिस या आवारा पशुओं को सुरक्षित रखा जा सके। अक्सर ऐसे पशु सड़क पर भटकते रहते हैं और कभी-कभी वे दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं या फिर नाले जैसी जगहों पर गिर जाते हैं, जैसा कि इस मामले में हुआ। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक गौशाला की स्थापना न केवल इन निरीह जीवों की जान बचाएगी, बल्कि यह क्षेत्र में स्वच्छता और सार्वजनिक सुरक्षा को भी बेहतर बनाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और जल्द ही इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा।
