फतेहगढ़ में बाइक खंभे से टकराई, इलाज के दौरान युवक की मौत
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में अनियंत्रित बाइक खंभे से टकराने के बाद घायल हुए युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई।

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 23 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें लालजीत सक्सेना नामक युवक की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। नेकपुर गुमटी के निकट लगभग सात बजे, लालजीत अपनी बाइक से फतेहगढ़ की ओर जा रहे थे, तभी उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे एक खंभे से जा टकराई। इस दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही आनन-फानन में परिजनों ने लालजीत को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें किसी अन्य बेहतर सुविधा वाले अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। इसके उपरांत, परिजनों ने उन्हें आवास विकास स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
नेकपुर गुमटी के निकट तेज रफ्तार बाइक दुर्घटना का शिकार
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नेकपुर गुमटी के पास घटित हुई। स्थानीय समयानुसार, शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे, लालजीत सक्सेना अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर फतेहगढ़ की दिशा में यात्रा कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी अज्ञात कारणवश उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित गति के कारण, बाइक सीधे सड़क के किनारे स्थित एक बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार लालजीत सक्सेना गंभीर रूप से चोटिल हो गए।
दुर्घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस और लालजीत के परिजनों को दी। परिजनों के पहुंचने पर, उन्हें तुरंत डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में प्रारंभिक जांच के बाद, चिकित्सकों ने लालजीत की स्थिति को बेहद नाजुक बताया और उन्हें किसी बड़े या विशेष अस्पताल में स्थानांतरित करने की सलाह दी। उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए, परिजनों ने बिना देर किए उन्हें आवास विकास क्षेत्र में स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। वहीं, गहन उपचार के बावजूद, लालजीत सक्सेना की जान नहीं बचाई जा सकी और उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली।
असमय हुई इस दुखद मृत्यु से मृतक का परिवार पूरी तरह टूट गया
लालजीत सक्सेना की आकस्मिक मृत्यु ने उनके पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक के परिवार में उनकी बुजुर्ग मां सीमा, उनकी पत्नी निशा और उनकी तीन साल की एक छोटी बेटी शामिल है। लालजीत अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे। परिवार की दुखद स्थिति इस बात से और बढ़ जाती है कि उनके तीन अन्य भाई-बहनों में से एक भाई और एक बहन की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। अब परिवार में केवल दो भाई ही बचे हैं। अपने जवान बेटे को खोने का दुख मां के लिए असहनीय है, वहीं पत्नी निशा और मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठ जाने से उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।
इस घटना ने एक खुशहाल और हंसते-खेलते परिवार पर दुखों का पहाड़ गिरा दिया है। घर में चारों ओर मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर किसी की आंखें नम हैं और एक-दूसरे को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं। लालजीत सक्सेना के अचानक चले जाने से परिवार के सामने कई आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। स्थानीय पुलिस इस घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जा सके।
