फसल बीमा राशि न मिलने पर किसानों का आक्रोश, पुतला दहन कर सौंपा ज्ञापन
मंदसौर में किसान दिवस पर बीमा राशि न मिलने से नाराज किसानों ने किया पुतला दहन। किसानों को उचित भुगतान न मिलने पर भारतीय किसान...

मंदसौर जिला गरोठ तहसील | संवाददाता: राजकुमार कोटवार
द क्लिफ न्यूज़ | 15 सितंबर 2026
किसान दिवस के अवसर पर मंदसौर जिले की गरोठ तहसील में भारतीय किसान संघ ने फसल बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रीमियम राशि जमा करने के बावजूद फसल खराब होने पर भी उचित बीमा राशि न मिलने से नाराज किसानों ने बीमा कंपनी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान किसानों ने "फसल बीमा नहीं तो प्रीमियम नहीं" का नारा बुलंद किया।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, पूर्व में प्रशासन द्वारा किसानों को आश्वासन दिया गया था कि बीमा राशि का भुगतान पंद्रह दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। इस संबंध में उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) राहुल चौहान ने किसानों से चर्चा भी की थी, लेकिन निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी किसानों को भुगतान नहीं मिला। प्रशासन के इस आश्वासन को पूरा न कर पाने से नाराज होकर किसान नेता एक बार फिर लामबंद हुए और विरोध प्रदर्शन का सहारा लिया।
बीमा राशि के साथ अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन
पुतला दहन कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात, भारतीय किसान संघ के सदस्यों ने गरोठ तहसीलदार के माध्यम से मंदसौर कलेक्टर को एक ग्यारह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों का उल्लेख किया गया है, जिन पर तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, चौबीस घंटे के भीतर खराब ट्रांसफार्मर बदलने, बिजली लाइनों की मरम्मत व दुरुस्तीकरण का कार्य सघनता से करने तथा गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, किसानों ने अफीम नीति में संशोधन, पुराने (कालातीत) किसानों का ब्याज माफ करने, खाद की खरीद के लिए नकद व्यवस्था लागू करने तथा सिंचाई परियोजनाओं के सुचारू संचालन की ओर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है।
आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी
भारतीय किसान संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। संघ का कहना है कि किसान अपनी फसल सुरक्षा और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के अधिकार के लिए संघर्षरत हैं और वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया जाता।
